खुद की जगह किसी और को परीक्षा देने के लिए भेजने वाले गिरफ्तार युवकों में मनोज कुमार (21) पुत्र चमन लाल निवासी कंडवाल, विनीत कुमार (21) पुत्र विजय निवासी जेहरु (बैजनाथ), कमल (19) पुत्र चानन सिंह निवासी जैसर (जवाली) हैं। जबकि सोनू जरियाल (30) पुत्र होशियार सिंह निवासी कुठेड़ा जवाली बाहर से मदद करने वालों में था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार हरियाणा और यूपी के आरोपियों से पूछताछ के दौरान खुलासा हुआ है कि जवाली का सरगना हिमाचल के अन्य कई विभागों के संपर्क में भी रहता था। ऐसे में माना जा रहा है कि अन्य विभागों में हुई भर्तियों में भी कांस्टेबल भर्ती की तरह धांधलियां निकल सकती हैं। अगर ऐसा हुआ तो भर्ती के नाम पर हिमाचल में यह सबसे बड़ा फर्जीवाड़ा होगा।
पहले ही थी सूचना, अभ्यर्थी दोबारा नहीं देंगे फीस : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है परीक्षा में फर्जीवाड़े की पहले ही गुप्त सूचना था। इसी आधार पर आरोपियों को पकड़ा गया। पुलिस विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे प्रतियोगी परीक्षा के लिए अपनाई जाने वाली बेहतर प्रणाली का प्रयोग करें। इसी आधार पर पुलिस भर्ती के लिए दोबारा लिखित परीक्षा का आयोजन करें। इसके लिए उम्मीदवारों को कोई अतिरिक्त फीस नहीं देनी होगी। 13 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने सरगना से 11 लाख रुपये बरामद किए हैं। डीएसपी पालमपुर के नेतृत्व एसआईटी गठित की है। परीक्षा तुरंत रद्द कर दी है ताकि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ न हो।
कुल 13 गिरफ्तार आरोपियों अनुराग (21) पुत्र पवन कुमार गांव उड़ान जिला रोहतक हरियाणा, मंदीप (26) पुत्र रमेर गांव शांतिनगर जिला कुरुक्षेत्र हरियाणा, प्रशांत (20) पुत्र शिव कुमार गांव नगला झंडू लहरपुर जिला हाथरस उत्तर प्रदेश, कुलदीप (28) पुत्र रोशन लाल निवासी चौसला जिला कल्यात हरियाणा, सुभाष (27) पुत्र कृष्ण कुमार निवासी जोगिंद्रनगर जिला जींद हरियाणा, रूस्तम अली (21) पुत्र शुक्रदीन निवासी नगरोटू तहसील जवाली जिला कांगड़ा, रघुवीर सिंह (21) पुत्र हरिपाल सिंह गांव नगला झंडू लहरपुर जिला हाथरस उत्तर प्रदेश, ओमबीर सिंह पुत्र बीर सिंह निवासी सगवान जिला भिवानी हरियाणा, जयदीप पुत्र रणधीर सिंह निवासी जुराखी खालसा जिला पानीपत हरियाणा, आशीष पुत्र महिपाल निवासी धनीरामू जिला झुनझनु राजस्थान, वीरेंद्र पुत्र करनैल सिंह निवासी डहव तहसील नूरपुर जिला कांगड़ा, अनूप सिंह पुत्र रण सिंह निवासी तेवरी जिला सोनीपत हरियाणा, राणा मोहन पुत्र पंजाब सिंह निवासी बलूं तहसील नूरपुर जिला कांगड़ा शामिल हैं। सभी आरोपियों को पालमपुर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 16 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। इसके अलावा चार युवक कांगड़ा के हैं।