पुलिस मुख्यालय ने पेपर लीक न होने के लिए बेहद सख्त रुख अख्तियार किया था। पेपर भले ही दो दिन पहले जिलों को मिल गए लेकिन पेपर लीक नहीं हो सका। इसी वजह से आरोपियों ने वीडियो और आडियो डिवाइस को ही पेपर लीक न होने का तोड़ बना डाला।
जानकारी के अनुसार एक युवक वीडियो डिवाइस के साथ केंद्र के अंदर पहुंच जाता और पेपर को वीडियो के जरिये बाहर बैठे सरगना तक पहुंचाता। इसके बाद सरगना अपनी एक अन्य टीम के साथ मिलकर प्रश्नों के उत्तर ढूंढकर तैयार करती और फिर आडियो डिवाइस लगाए अभ्यर्थियों को उनके उत्तर बताए जाते।