प्रदेश के विभिन्न विभागों, निगम बोर्डों पेंशनर एसोसिएशन की सरकार के साथ हुई संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की बैठक में सरकार ने पेंशनरों को रिझाने की कोशिश की है। पेंशनरों के चिकित्सा बिलों का भुगतान और एरियर की पहली किश्त, पेंशनरों के जीवित होने का प्रमाण पत्र की विसंगतियों को दूर करने का आश्वासन दिया गया। पेंशनरों को अब पंचायत सचिव और सहायक जीवित होने का प्रमाण पत्र देंगे।
जेसीसी में लिए गए फैसला सराहनीय
शिक्षा विभाग प्रवक्ता एसोसिएशन बिलासपुर के अध्यक्ष सदाराम शर्मा ने कहा कि जेसीसी में पेंशनरों को राहत मिली है। हिमकेयर योजना में पेंशनरों का इलाज होगा। पेंशनरों को इलाज करने के छह महीने और एक साल बाद चिकित्सा बिलों का भुगतान होता था। निजी अस्पतालों में इलाज करने के लिए भी कार्ड बनाए जाने की योजना फायदेमंद होगी।
पेंशनरों को बोलने के लिए मिला मंच
जिला हमीरपुर पेंशनर फेडरेशन के चीफ पैट्रन ओपी भारद्वाज ने कहा कि प्रदेश सरकार ने पहली बार पेंशनरों की जेसीसी बुलाई है। यह सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि बैठक में सभी विभागों के पेंशनरों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक सुना गया है। पेंशनरों को बोलने के लिए खुला मंच था। अब सरकार की ओर से अधिसूचना जारी की जानी है।
एक तारीख को पेंशन देने का दिया आश्वासन
संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) में एचआरटीसी पेंशनरों को महीने की पहली तारीख को पेंशन मिलेगी। इस पर प्रदेश पथ परिवहन निगम पेंशनर समस्या समाधान मंच के अध्यक्ष अशोक पुरोहित ने कहा कि जेसीसी में पेंशनरों को आश्वासन मिला है। सरकार की ओर से एचआरटीसी कर्मचारियों के लंबित मांगे कैबिनेट में ले जाने की बात कही गई है।
नहीं मानी गईं मांगें, सरकार के खिलाफ होगा प्रदर्शन
हिमाचल प्रदेश कॉरपोरेट सेंटर सेवानिवृत्त समन्वय कमेटी के अध्यक्ष देवी लाल ठाकुर ने कहा कि पेंशनरों को आश्वासन मिले हैं। प्रदेश में दर्जनों निगम बोर्ड हैं, कई को पेंशन नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि हमीरपुर में बैठक होगी। इसमें समन्वय कमेटी के सदस्य और अन्य पेंशनर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करने का फैसला लेंगे।