हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामांकन में प्रस्तावक का नाम संबंधित मतदाता सूची में नहीं होगा तो नामांकन पत्र रद्द कर दिया जाएगा। सरकारी नौकरी में लगे उम्मीदवार का पर्चा भी रद्द किया जाएगा। नामांकन पत्रों की छंटनी उम्मीदवारों या उनके अधिकृत एक व्यक्ति के सामने की जाएगी।
इस दौरान वह आपत्ति दर्ज कर नामांकन रद्द करा सकता है। किसी भी मामले में सजा काटने के छह साल पूरे नहीं होने वाले प्रत्याशी भी चुनाव नहीं लड़ सकेंगे। उम्मीदवार के नामांकन पत्र रद्द करने के पीछे लिखित कारण देना होगा। राज्य चुनाव अधिकारी संजीव महाजन ने कहा कि आयोग के नियमों के अनुसार नामांकन पत्र में उम्मीदवार का प्रस्तावक वही होना चाहिए, जिसका नाम वहां की मतदाता सूची में हो।
अन्यथा, उम्मीदवार को अयोग्य करार दिया जाएगा और उसका नामांकनपत्र रद्द किया जाएगा। कहा कि अगर किसी उम्मीदवार ने सरकारी जमीन पर कब्जा किया है तो उसे भी पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य करार दिया जाएगा। फॉर्म 19 में संविधान की शपथ पर हस्ताक्षर करना जरूरी है। प्रत्याशी के हस्ताक्षर करने जरूरी हैं। प्रत्याशी अनपढ़ है तो उसे चुनाव अधिकारी के समक्ष अंगूठा लगाना होगा।