शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज (फाइल फोटो)
- फोटो : अमर उजाला
हिमाचल में लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत शहरी विकास विभाग ने सात सेवाओं को लोगों को मुहैया कराने के लिए समय निर्धारित कर दिया है। अब अगर तय समय सीमा के भीतर सेवा प्रदान न की जाती है तो संबंधित अधिकारी पर अधिनियम के तहत कार्रवाई भी हो सकेगी। सरकार ने ई गजट में इन सेवाओं को बीते सप्ताह अधिसूचित कर दिया है। अधिसूचना के अनुसार नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत के अधीन आने वाली सेवाएं लोगों को सात से पंद्रह दिन के भीतर मिलेंगी।
शहरी विकास मंत्री सुरेश भारद्वाज ने बताया कि सड़क काटने की अनुमति के लिए 15 दिन, अनुमति देने से पहले निरीक्षण के लिए 7 दिन, संपत्ति कर, खाली भूमि पर कर के लिए वित्त वर्ष पूरा होने के 30 दिन के भीतर बिल जारी करना होगा। इसी प्रकार 7 दिन के भीतर व्यापारियों को ट्रेड लाइसेंस, पंद्रह दिन के भीतर साइनेज लाइसेंस, 7 दिन के भीतर फिल्म शूटिंग की अनुमति दी जाएगी। भारद्वाज ने कहा कि निर्माण संबंधी सामान के भंडारण की अनुमति 15 दिन में प्रदान की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि इन सभी सेवाओं के लिए निर्धारित प्रारूप में आवेदन करना होगा। नगर निगम में सहायक आयुक्त, नगर परिषद में कार्यकारी अधिकारी और नगर पंचायत में सचिव आवेदन लेने के लिए मनोनीत किए गए हैं। भारद्वाज ने कहा कि सेवाएं निर्धारित समय में न मिलने की स्थिति में नगर निगम स्तर पर आयुक्त व नगर परिषद, नगर पंचायत स्तर पर एसडीएम को अपील कर सकते हैं। मंत्री ने कहा कि अधिकारी सेवा प्रदान करने में विफल रहता है या उचित कारण के बिना ऐसी सेवा प्रदान करने में देरी कर रहा है, तो उस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।