आर्थिक संकट से जूझ रही हिमाचल प्रदेश सरकार ने सभी फल और सब्जियों के कारोबार पर एक प्रतिशत मार्केट फीस फिर से लागू कर दी है। राज्य सरकार ने 14 जनवरी, 2014 की अधिसूचना को रद्द करते हुए यह निर्णय लिया है। दूसरे राज्यों से सब्जी-फल लाने वाले कारोबारियों को प्रवेश द्वार पर ही मार्केट फीस देनी होगी। यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी है। इस व्यवस्था से प्रदेश में निजी मार्केट यार्ड वाले कारोबारियों के साथ मंडियों में काम करने वाले आढ़तियों को भी मार्केट फीस चुकानी होगी। सालाना एक करोड़ का कारोबार करने वाले आढ़तियों को एक लाख रुपये तक मार्केट फीस एपीएमसी को देनी होगी। मंडियों के भीतर होने वाले कारोबार के साथ-साथ सड़क किनारे लगने वाली अस्थायी मंडियों से भी एक प्रतिशत शुल्क वसूला जाएगा। इस फैसले से प्रदेश की कृषि उपज विपणन समितियों (एपीएमसी) को सालाना 40 से 50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होने का अनुमान है।