राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज सुंदरनगर के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रशिक्षुओं ने एक अभिनव ‘सोनिक फायर एक्सटिंग्विशर’ विकसित किया है, जो ध्वनि तरंगों की मदद से आग बुझाने में सक्षम है। बिना पानी, रेत या किसी रासायनिक पदार्थ के यह उपकरण आग को नियंत्रित करने का दावा करता है। संस्थान ने इस तकनीक की उपयोगिता को देखते हुए इसके पेटेंट की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कॉलेज के छठे सेमेस्टर के प्रशिक्षुओं की ओर से विकसित इस उपकरण को विभागाध्यक्ष राजेश चौधरी ने सराहा और इसे संस्थान के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उनका कहना है कि यह तकनीक भविष्य में अग्निशमन के क्षेत्र में बड़ा बदलाव ला सकती है।
इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग के छठे सेमेस्टर के प्रशिक्षुओं ने अपनी टीम के साथ इस प्रोजेक्ट पर कार्य किया है। इस शोध को और उन्नत बनाने के लिए भविष्य में आवश्यक आर्थिक सहायता और तकनीकी संसाधन कॉलेज के ‘स्टूडेंट वेलफेयर फंड’ के माध्यम से प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराए जाएंगे। -राजेश चौधरी, विभागाध्यक्ष, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, बहुतकनीकी कॉलेज, सुंदरनगर
‘ऑटोमैटिक सोनिक वर्जन’ के लिए पेटेंट फाइल तैयार की जा रही है। वैश्विक स्तर पर इस दिशा में कुछ शोध हुए हैं, लेकिन भारतीय परिस्थितियों के अनुसार तैयार किया गया यह सेंसर-आधारित पोर्टेबल मॉडल अनूठा है। यह तकनीक उन घरों के लिए विशेष रूप से उपयोगी होगी, जहां आग लगने की स्थिति में कोई मौजूद नहीं होता। ऐसे में यह सेंसर-आधारित उपकरण स्वतः सक्रिय होकर आग बुझाने में सक्षम होगा।-अवनीश पॉल, प्रोजेक्ट मेंटर