राजधानी में चोरी के मामले में अदालत ने एक युवक को दोषी करार दिया है। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने आरोपी विकास वालिया ग्राम त्रम्बलु तहसील धर्मशाला जिला कांगड़ा निवासी को धारा 380 के तहत दंडनीय अपराध के लिए दोषी ठहराया है। इसके साथ ही दीपक कुमार नगरोटा बगवां तहसील कांगड़ा निवासी को धारा 380, 420, 34 के तहत दंडनीय अपराध से बरी किया है।
यह मामला 22 मार्च, 2012 को न्यू शिमला थाना क्षेत्र का है। शिकायतकर्ता सुरजीत सिंह ने आरोप लगाए थे कि उसके दो डेबिट कार्ड चोरी हो गए। इन्हें इस बात की भनक तब हुई जब उसके फोन पर बैंक की तरफ से मैसेज आए। इसमें एक्सिस बैंक के एटीएम कार्ड से 31 हजार रुपये और एसबीआई बैंक के एटीएम से 11 हजार रुपये की निकासी हुई। इसी दौरान जांच टीम ने शिकायतकर्ता के मोबाइल नंबर की कॉल डिटेल प्राप्त की।
पता चला कि 21 मार्च को लगभग 8:56 बजे शिकायतकर्ता के मित्र आरोपी विकास वालिया ने दीपक से उसके मोबाइल नंबर पर बातचीत की थी। इसी आधार पर दोनों युवकों को गिरफ्तार किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी विकास के कहने पर दीपक ने मालरोड पर जाकर एक एटीएम से पैसे निकाले थे और यह राशि विकास को सौंप दी थी।
पूछताछ में आरोपी विकास ने खुलासा किया कि 21 मार्च को वह शिकायतकर्ता के कमरे में गया और रात के समय उसने एटीएम कार्ड निकाल लिए, उसे दोनों डेबिट कार्ड के पिन नंबर पता थे। इसके बाद वह न्यू शिमला सेक्टर-4 स्थित एक एटीएम पर गया और दोनों कार्ड में राशि की जांच की। अगले दिन उसने दोस्त दीपक को मॉल शिमला में बुलाकर इस घटना को अंजाम दिया। इस मामले की जांच तत्कालीन एएसआई तिलक राज ने की थी।