सिरमौर जिले की डोबरी सालावाला पंचायत की 36 वर्षीय विवाहिता ने केरोसिन छिड़ककर खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली। बुरी तरह से झुलसी महिला को पांवटा अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद अंतिम संस्कार के दौरान महिला की मौत से गुस्साए मायका पक्ष के लोगों की ससुराल पक्ष के लोगों से बहस हो गई। इस दौरान मृतक महिला के पति और सास के साथ भी हाथापाई की।
पुलिस टीम के पहुंचने के बाद मामला शांत हुआ। मायका पक्ष ने पति और सास पर महिला को प्रताड़ित करने का आरोप लगाकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। सालवाला निवासी मेंहदी देवी (36) पत्नी संदीप ने रविवार शाम को रिहायशी मकान में खुद पर तेल छिड़क कर आग लगा ली। ससुराल पक्ष ने कहा कि विवाहिता का पति औद्योगिक इकाई में काम पर गया था। सास पड़ोस में थी। धुआं निकलने पर पड़ोसी और सास घर पहुंचे तो कमरा भीतर से बंद था।
कमरा खोलकर देखा तो विवाहिता महिला 85 फीसदी से अधिक झुलस गई थी। परिजन और ग्रामीण उसे पांवटा अस्पताल लाए। यहां उसने दम तोड़ दिया। कमरऊ निवासी मृतक विवाहिता के भाई कल्याण सिंह और पूर्ण सिंह तोमर ने आरोप लगाया कि मेंहदी देवी को उसका पति और सास प्रताड़ित करते रहे हैं।
कई बार मायके में उसने बताया था, लेकिन वे सुलह करवाते रहे। महिला नौ साल का बेटा, सात और चार साल की बेटियां छोड़ गई है। आरोप लगाया कि पति और सास ने ही विवाहिता को आत्महत्या के लिए उकसाया है। उन्होंने डीएसपी बीर बहादुर सिंह और एसएचओ पुरुवाला विजय रघुवंशी से मामले में उचित कार्रवाई करने का आग्रह किया।
उधर, सोमवार दोपहर को पोस्टमार्टम के बाद शव संस्कार को सालवाला गांव लाया गया। यहां मायका पक्ष के लोगों और मृतक महिला के पति-सास के बीच बहस और हाथापाई हो गई। डीएसपी बीर बहादुर सिंह ने बताया कि पुरुवाला थाना पुलिस टीम मामले की छानबीन में जुटी है।