लंबे समय से उद्घाटन की राह देख रहे सामरिक महत्व के मनाली के पलचान और लाहौल के दारचा पुल का आखिरकार सोमवार को लोकार्पण हो गया। मनाली-लेह मार्ग पर बने दोनों पुल रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को देश को समर्पित किए। उन्होंने दिल्ली से वर्चुअल उद्घाटन कर देश भर के करीब 43 पुलों का उद्घाटन किया है। इस दौरान शिमला से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर भी जुड़े रहे।
दोनों पुलों का लाभ जहां भारतीय सेना को मिलेगा, वहीं पर्यटकों के साथ दर्जन भर से अधिक गांवों के लोगों को भी सुविधा मिलेगी। इन दोनों पुलों का निर्माण बीआरओ ने किया है। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति की तोद घाटी के सामरिक मार्ग पर बना दारचा पुल प्रदेश का सबसे लंबा 360 मीटर पुल है।
अटल टनल रोहतांग के बाद दारचा पुल भी पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। करीब 34 करोड़ से बने इस पुल को बीआरओ ने रिकॉर्ड समय पर तैयार किया है। वहीं, मनाली के पलचान में बने पुल से भी स्थानीय लोगों के साथ सेना व सैैैलानियों को फायदा होगा। बीआरओ के कमांडर उमा शंकर ने कहा कि पुलों से सेना, सैलानियों और स्थानीय लोगों को फायदा होगा।