जल उपकर आयोग ने वाटर सेस जमा न कराने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्ती कर दी है। कंपनियों को नवंबर के अंत तक वाटर सेस जमा करने के लिए कहा है। अगर ऐसा नहीं किया तो पांच हजार रुपये प्रतिदिन जुर्माना लगेगा। प्रदेश में 173 जल विद्युत कंपनियां है। इसमें 30 परियोजनाओं ने वाटर सेस जमा करा दिया है जबकि अन्य कंपनियां वाटर सेस जमा नहीं करा रही है।
आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक 15 निजी परियोजनाओं ने आयोग के पास करीब 9 करोड़ रुपये जल उपकर की राशि जमा कराई है। वहीं, सरकारी उपक्रम की 30 परियोजनाओं ने करीब 21 करोड़ रुपये जमा करवा दिए हैं। अब तक आयोग के पास 30 परियोजनाओं से वाटर सेस जमा हुआ है।
आयोग ने जल उपकर जमा न कराने वाली निजी जल परियोजनाओं को नोटिस जारी किए हैं। इन्हें नवंबर अंत तक पैसा जमा कराने के लिए कहा है। आयोग की ओर से सभी जल विद्युत परियोजनाओं को आयोग की ओर से वाटर सेस बिल जारी हुए हैं। इसके बाद ही पावर कॉरपोरेशन ने निजी कंपनियों ने वाटर सेस जमा करवाया है।