सूबे में सीमेंट विवाद दिन-प्रतिदिन गहराता जा रहा है। वीरवार को बरमाणा और दाड़लाघाट के करीब 3,000 ट्रक ऑपरेटरों ने नौणी चौक से उपायुक्त कार्यालय तक 12 किलोमीटर का पैदल मार्च निकाला। इससे चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे साढ़े तीन घंटे बंद रहा।
हालांकि, वाहनों को विभिन्न वैल्पिक मार्गों से भेजा गया, जिससे यातायात सुचारु रूप से चलता रहा। वहीं, विवाद सुलझाने के लिए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान शुक्रवार को अदाणी समूह और ट्रक ऑपरेटरों के साथ दोपहर बाद 3:00 बजे सचिवालय में वार्ता करेंगे। इस वार्ता में कोई फैसला न हुआ तो ऑपरेटरों का आंदोलन उग्र हो सकता है।
पैदल मार्च के साथ खुफिया एजेंसियों और पुलिस के करीब 50 कर्मचारी चलते रहे। चौक-चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहा। पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ट्रक ऑपरेटर सुबह 10:00 बजे से नौणी चौक पर जुटना शुरू हो गए थे। सभी की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए पहले ट्रक ऑपरेटरों की गत्ता नंबर के अनुसार हाजिरी लगाई गई। 11:30 बजे नौणी चौक के पास फोरलेन संपर्क मार्ग से पैदल मार्च शुरू किया गया।
इस दौरान ट्रक ऑपरेटर ‘गो बैक अदाणी, अदाणी-सदाणी नहीं चलेंगे, वरना चक्का जाम करेंगे, नड्डा को ढूंढ के लाओ, नड्डा-अनुराग ठाकुर होश में आओ, सुक्खू सरकार को भेजो तार नहीं चलेगी ये सरकार’ जैसे नारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। पैदल मार्च नौणी चौक, रघुनाथपुरा, जबली, पुलिस लाइन, लखनपुर, धौलरा चौक, बस अड्डा बिलासपुर, चंपा पार्क, चेतना चौक होते हुए दोपहर करीब 3:15 बजे उपायुक्त कार्यालय पहुंचा।
यहां सभी धरने पर बैठ गए। करीब एक घंटा ऑपरेटरों के प्रतिनिधियों ने संबोधित किया। इसके बाद अतिरिक्त उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें मांग की गई कि अदाणी समूह अड़ियल रवैया छोड़े। दोनों सीमेंट प्लांटों को सुचारु तरीके से चलाए। प्लांटों के बंद होने से ट्रकों की बैंक किस्तें तक नहीं चुका पा रहे हैं। लिहाजा, हिमाचल सरकार या अदाणी समूह बैंक कर्ज की राशि पर ब्याज की भरपाई करें।
राज्य सचिवालय शिमला के बाहर प्रदर्शन की चेतावनी
सीमेंट विवाद सुलझाने के लिए उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान शुक्रवार को सचिवालय में दोनों पक्षों से वार्ता करेंगे। इसी बैठक के बाद ट्रक ऑपरेटर अपने आंदोलन की अगली रूपरेखा का एलान करेंगे। हालांकि, ऑपरेटरों ने चेतावनी दी है कि नतीजा न निकला तो राज्य सचिवालय शिमला के बाहर प्रदर्शन किया जाएगा। यही नहीं, ऑपरेटर पहले ही दो टूक कह चुके हैं कि सीमेंट ढुलाई का किराया किसी भी कीमत पर कम नहीं होने देंगे। अड़ियल रवैये को नहीं छोड़ा तो किसी भी मालगाड़ी को प्रदेश में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा।
ट्रक ऑपरेटरों ने पैदल मार्च से सरकार और अदाणी समूह को दिखाई ताकत
सीमेंट प्लांट बंद करने के विरोध में दाड़लाघाट और बरमाणा के हजारों ट्रक ऑपरेटरों ने वीरवार को बिलासपुर में पैदल मार्च कर अदाणी ग्रुप और सरकार को ताकत दिखाई। प्रदेश सरकार पर ढुलमुल रवैया अपनाने का आरोप लगाया। ट्रक ऑपरेटरों ने चेतावनी दी कि माल भाड़ा कम किया गया और सीमेंट प्लांट जल्द नहीं खोले गए तो प्रदेश भर में चक्का जाम किया जाएगा।
पैदल मार्च के बाद उपायुक्त कार्यालय बिलासपुर के बाहर धरने को संबोधित करते बीडीटीएस के अध्यक्ष लेखराम वर्मा ने कहा कि क्या अदाणी समूह सरकार की नहीं सुन रहा है। 36 दिन तक आंदोलन शांतिपूर्वक चला। जैसे सरकार ने कहा, वैसा ही ट्रक ऑपरेटरों ने किया। सरकार की कमेटी ने रेट मांगे, वो भी दिए। सरकार ने ट्रक ऑपरेटरों के पक्ष में अधिसूचना जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब बीच की बात कर रही है।
उन्होंने प्रधान सचिव पर आरोप लगाया कि वे दाड़लाघाट और बरमाणा को यूनियनों में फूट डालने की कोशिश कर रहे हैं। दाड़ला यूनियन के पदाधिकारी राम कृष्ण ने कहा कि सरकार के साथ हुईं बैठकों में अदाणी समूह छह रुपये मालभाड़ा देने का तर्क साबित करने में फेल हो चुका है। कमेटी भी रिपोर्ट में कहा गया है कि बरमाणा और दाड़लाघाट के ट्रक ऑपरेटर जायज मालभाड़े पर ढुलाई कर रहे हैं। सरकार भी दबाव में नजर आ रही है। पूर्व सैनिक ट्रक यूनियन के प्रधान जगन्नाथ शर्मा, गीता राम शर्मा, बीडीटीएस प्रधान राकेश ठाकुर, शमशेर चंद गौतम आदि ट्रक ऑपरेटरों ने भी संबोधित किया।
शिमला चलो मार्च स्थगित
ट्रक ऑपरेटरों का 21 जनवरी को होने वाला शिमला चलो मार्च स्थगित कर दिया गया है। बीडीटीएस के प्रधान राकेश ठाकुर ने कहा कि 21 जनवरी को दाड़लाघाट और बरमाणा के ट्रक ऑपरेटरों ने शिमला चलो मार्च करना था, लेकिन अब इस मार्च को बड़े स्तर पर करने के लिए प्रदेश की अन्य ट्रांसपोर्ट यूनियनों से समर्थन मांगा जा रहा है। शिमला चलो आंदोलन की अगली तिथि जल्द निर्धारित की जाएगी।