बीआरओ 70 आरसीसी और जिला पुलिस के संयुक्त रेस्क्यू अभियान में भूखे-प्यासे फंसे लोगों में महिलाओं और बच्चों सहित 37 यात्रियों, 16 वाहनों को सुरक्षित दारचा लाया गया। इससे पहले रात भर बारालाचा में फंसे लोगों को भूखे-प्यासे गाड़ियों में ही सर्द रात काटनी पड़ी।
ताजा बर्फबारी से मनाली-लेह मार्ग के बंद होने से बारालाचा दर्रे में गुरुवार रात बर्फ के बीच माइनस 25 डिग्री तापमान में फंसे 37 लोगों को रेस्क्यू किया गया। इसके अलावा 17 वाहनों को भी निकाला गया, जबकि 41 वाहन अभी भी फंसे हैं। ये वाहन लेह के सरचू से मनाली की तरफ आ रहे थे। हालांकि बीआरओ ने गुरुवार को मनाली-लेह हाईवे-3 को यातायात के लिए बहाल कर दिया था।
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शाम को ताजा बर्फबारी से बारालाचा वनवे रोड फिर बंद हो गया। जहां कई लोग और वाहन फंस गए थे। सूचना मिलने पर सीमा सड़क संगठन और लाहौल-स्पीति पुलिस मौके पर पहुंचीं और फंसे लोगों को रेस्क्यू किया गया।
बीआरओ 70 आरसीसी और जिला पुलिस के संयुक्त रेस्क्यू अभियान में भूखे-प्यासे फंसे लोगों में महिलाओं और बच्चों सहित 37 यात्रियों, 16 वाहनों को सुरक्षित दारचा लाया गया। इससे पहले रात भर बारालाचा में फंसे लोगों को भूखे-प्यासे गाड़ियों में ही सर्द रात काटनी पड़ी। पुलिस अधीक्षक लाहौल-स्पीति ने बारालाचा में फंसे वाहनों को निकालने की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि अभी मनाली-लेह मार्ग बहाल नहीं हुआ है, लेकिन रेस्क्यू अभियान पूरा हो गया है।
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सभी वाहनों को भी निकाला जा रहा है। पहले पुलिस ने लेह के सरचू में फंसे वाहनों को निकालना था। इसके बाद दारचा व अन्य जगहों पर फंसे वाहनों को निकाला जाना था, लेकिन इस बीच बारालाचा के पास हिमस्खलन से मनाली-लेह मार्ग अवरुद्ध हो गया है, जिस कारण वाहन आर-पार नहीं जा सके। अभी भी मनाली की तरफ से लेह जाने वाले सैकड़ों मजदूर और सामान से भरे कई ट्रक व अन्य वाहन लेह की तरफ नहीं जा सके हैं।