लोग बोले, बंद पड़े हैं कलवर्ट जंगल में रिस रहा पानी
लोगों का कहना है कि विधानसभा-बालूगंज सड़क के किनारे पक्की नालियां तो बनी हैं, लेकिन कुछ कलवर्ट बंद हैं। लोगों ने बताया कि हल्की बारिश होने पर भी इस सड़क पर पानी का तालाब बन जाता था। यही पानी लगातार पहाड़ी में रिसता गया जिससे जमीन धंसने लगी है। लोगों ने बताया कि ऊपरी तरफ बने एडवांस्ड स्टडी की सड़क की नालियों से पानी का बहाव पहले दूसरी ओर समरहिल के जंगल में जाता था लेकिन अब सारा पानी इस क्षेत्र में बहता है। पिछले साल भी इस सड़क पर दरारें पड़ी थीं लेकिन निगम ने टारिंग कर उसे बंद कर दिया। पक्के डंगे नहीं लगाए। संस्थान के समीप से बालूगंज को जोड़ने वाली एक छोटी सड़क पर भी दरारें पड़ गई हैं। लोगों का कहना है कि पहाड़ी धंसने से एडवांस्ड स्टडी का परिसर भी खतरे में आ सकता है। लोगों ने जल्द मरम्मत कराने की मांग की है। पुलिस ने इस पूरे हिस्से की बैरिकेडिंग कर दी है। यह सड़क नगर निगम के अधीन है।
केएनएच ऑक्सीजन प्लांट का डंगा गिरा, मशीनें निकालीं
कमला नेहरू अस्पताल (केएनएच) में स्थापित ऑक्सीजन प्लांट का डंगा मंगलवार सुबह गिर गया। अचानक डंगे के गिरने से यहां पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मची रही। इस घटना के बाद यहां सैकडों लोग इकट्ठा हो गए। कोरोनाकाल में मरीजों की सुविधा के लिए यह ऑक्सीजन प्लांट स्थापित किया था। प्लांट के जरिये बच्चों के आईसीयू समेत वार्डों में सेंट्रल सप्लाई दी जाती थी लेकिन बरसात के इस सीजन में डंगे के निचले हिस्से में दस दिनों पहले दरारें आ गई थीं। इसके बाद प्रबंधन हरकत में आया था। प्लांट से ऑक्सीजन की सप्लाई पहले ही बंद कर दी थी। अस्पताल में पहले की तरह ऑक्सीजन सिलिंडर से सप्लाई दी जानें लगी है। मंगलवार सुबह 10:30 बजे के करीब जब यह डंगा ढहा तो इसके बाद परिसर के नीचे की तरफ की सड़क को बंद कर दिया। एसडीएम भानु गुप्ता ने मौके का निरीक्षण किया। अस्पताल प्रबंधन ने प्लांट से एक-एक करके मशीनें और उपकरण निकाल दिए हैं। दोपहर बाद हाइड्रा की मदद से बड़े उपकरण निकाले और दूसरी जगह पर शिफ्ट किए। केएनएच के वरिष्ठ चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सुभाष चौहान ने कहा कि डंगा गिरने के बाद ऑक्सीजन प्लांट में लगी मशीनों और अन्य उपकरणों को खोलकर दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया है। अब यह प्लांट पूरी तरह सुरक्षित हैं। मरीजों को पहले की तरह ऑक्सीजन गैस सिलिंडर के जरिये सप्लाई दी जा रही है।