कोरोना संकट के बीच हिमाचल प्रदेश के 21.48 लाख घरेलू और 4.18 लाख अन्य श्रेणियों के उपभोक्ताओं के बिजली मीटरों की सिक्योरिटी राशि में बदलाव होने जा रहा है। अगर आप सिक्योरिटी राशि में बढ़ोतरी नहीं चाहते हैं तो राज्य विद्युत नियामक आयोग के पास 27 मई तक सुझाव और आपत्तियां दर्ज करवा सकते हैं। 29 मई को ऑनलाइन जन सुनवाई होगी। जून के पहले सप्ताह में सिक्योरिटी राशि के बदलाव को लेकर अधिसूचना जारी होगी।
प्रदेश में नए बिजली कनेक्शन की सिक्योरिटी राशि में कुछ कमी करने के साथ बिजली खपत के हिसाब से मीटर की सिक्योरिटी राशि तय करने की कवायद शुरू हो गई है। पुराने कनेक्शन धारकों की एक साल बाद और नए की छह से नौ माह बाद समीक्षा की जाएगी। उपभोक्ताओं के एवरेज बिल के आधार पर सिक्योरिटी राशि तय की जाएगी। सिक्योरिटी राशि और एवरेज बिजली बिल के बीच 500 रुपये का अंतर होने तक सिक्योरिटी राशि नहीं बढ़ाई जाएगी।
इससे अधिक अंतर मिलने पर राशि बढ़ाई जाएगी। नई सिक्योरिटी राशि तीन किस्तों में वसूली जाएगी। बिजली बिल में इसे जोड़ा जाएगा। प्रदेश में बीते वर्ष से सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली दरों पर दी जाने वाली सब्सिडी का युक्तिकरण किया है। अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं की सब्सिडी घटा दी गई है। अब सिक्योरिटी राशि का युक्तिकरण किया जा रहा है।
उधर, बिजली के नए कनेक्शन की सिक्योरिटी राशि को घरेलू उपभोक्ताओं के लिए घटा दिया गया है। औद्योगिक इकाइयों को पहले के मुकाबले अब एक हजार रुपये अधिक चुकाने होंगे। आयोग के ड्राफ्ट के अनुसार घरेलू उपभोक्ताओं को शहरी क्षेत्रों में प्रति किलोवॉट 340 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में प्रति किलोवॉट 240 रुपये चुकाने होंगे। घरेलू उपभोक्ताओं के लिए आयोग ने इन दरों में बीस रुपये की कमी की है। औद्योगिक इकाइयों को प्रति किलोवॉट एक हजार रुपये की जगह दो हजार रुपये चुकाने होंगे।
अस्थायी कनेक्शन की दरों को 850 रुपये की जगह 1750 रुपये कर दिया गया है। जनजातीय क्षेत्रों में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए सिक्योरिटी राशि 165 रुपये निर्धारित की गई है। व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए शहरी क्षेत्रों में सिक्योरिटी राशि 600 रुपये और ग्रामीण क्षेत्रों में 350 रुपये रहेगी।
यहां भेजने होंगे सुझाव और आपत्तियां
सिक्योरिटी राशि में बदलाव के लिए जारी की गई अधिसूचना को लेकर आम जनता अपने सुझाव और आपत्तियां राज्य विद्युत नियामक आयोग के राजधानी शिमला स्थित कसुम्पटी कार्यालय में लिखित तौर पर भेज सकते हैं।