फिजियोथैरेपी के छात्रों और पेशेवरों ने कोरोना कर्फ्यू अवधि से पहले अधिक शारीरिक गतिविधियां 2727.3 मेट-मिनट प्रति सप्ताह की। कोरोना कर्फ्यू अवधि में 1165.2 मेट-मिनट प्रति सप्ताह की। यह -57.3 प्रतिशत दर्ज की गई।
हिमाचल प्रदेश में कोरोना कर्फ्यू के दौरान शारीरिक गतिविधियां घट गई हैं। इससे कोरोना संक्रमण से लड़ने को इम्युनिटी भी कम हुई है। यह खुलासा महर्षि मार्कंडेश्वर संस्थान मुलाना और मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय कुमारहट्टी के फिजियोथैरेपी प्रोफेशनल्स और विद्यार्थियों के शोध में हुआ है। यह शोध पत्र नेशनल लाइब्रेरी और मेडिसिन ने प्रकाशित किया है। इसे 143 लोगों पर किया गया है। ऑनलाइन फिजियोथैरेपी के छात्रों और पेशेवरों पर किया गया।
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अध्ययन के निष्कर्षों से पता चला है कि फिजियोथैरेपी के छात्रों और पेशेवरों ने कोरोना कर्फ्यू अवधि से पहले अधिक शारीरिक गतिविधियां 2727.3 मेट-मिनट प्रति सप्ताह की। कोरोना कर्फ्यू अवधि में 1165.2 मेट-मिनट प्रति सप्ताह की। यह -57.3 प्रतिशत दर्ज की गई। इस दौरान पैदल चलना भी -27.4 प्रतिशत कम हो गया। बैठने की गतिविधि भी बढ़ गई। इसमें 377.1 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई।
कोरोना कर्फ्यू से पहले और उसके दौरान ऊर्जा व्यय में भी कमी आई है। कुल इस दौरान ऊर्जा व्यय में कमी -34.1 प्रतिशत रह गई। अध्ययन के अनुसार शारीरिक गतिविधि का प्रतिरक्षा प्रणाली पर सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव पड़ा। यह शोध आदर्श कुमार श्रीवास्तव, नेहा शर्मा और आसिर जॉन सैम्युल ने किया है।