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श्मशानघाट पर ताला, चिता तक शव पहुंचाने भी नहीं आया कोई

Sun, 09 May 2021 08:41 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, जोगिंद्रनगर (मंडी)

सार

जोगिंद्रनगर में कोरोना संक्रमित महिला के अंतिम संस्कार के लिए मानवीय संवेदनाएं नहीं दिखीं। मृतक महिला के बेटे और एक नजदीकी रिश्तेदार ने बड़ी मुश्किल से शव चिता स्थल तक पहुंचाया। इस दौरान शव कई बार फर्श पर घसीटता रहा। इनकी मदद के लिए किसी ने हाथ नहीं बढ़ाए। हालांकि, बाद में प्रशासन की देखरेख में अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं।
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प्रशासन की देखरेख में अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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जोगिंद्रनगर में कोरोना संक्रमित महिला के अंतिम संस्कार के लिए मानवीय संवेदनाएं नहीं दिखीं। मृतक महिला के बेटे और एक नजदीकी रिश्तेदार ने बड़ी मुश्किल से शव चिता स्थल तक पहुंचाया। इस दौरान शव कई बार फर्श पर घसीटता रहा। इनकी मदद के लिए किसी ने हाथ नहीं बढ़ाए। हालांकि, बाद में प्रशासन की देखरेख में अंतिम संस्कार की रस्में पूरी की गईं। 

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बताया जा रहा है कि श्मशानघाट पर पहुंचने पर यहां गेट बंद मिले। परिजनों की गुहार के बाद भी श्मशानघाट का मुख्य द्वार नहीं खोला गया। प्रशासन की सख्ती और हस्तक्षेप के बाद जब श्मशानघाट का द्वार खुला तो संक्रमित महिला के शव को अंतिम संस्कार के लिए चिता स्थल तक पहुंचाना भी मृतक के स्वजनों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। नगर परिषद जोगिंद्रनगर के वार्ड-2 की संक्रमित महिला (55) की मौत रविवार को जोगिंद्रनगर अस्पताल में हुई थी। वह पांच दिन पहले कोरोना की चपेट में आई थीं।

अचानक तबीयत बिगड़ने पर स्वजन उन्हें जोगिंद्रनगर अस्पताल लाए थे। यहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एसडीएम अमित मेहरा ने बताया कि कोरोना की इस विकट परिस्थिति में जब तक सामाजिक सरोकारों में आगे रहने वाले लोग सामने नहीं आएंगे, तब तक ऐसी तस्वीरें देखने को मिलती रहेंगी। संक्रमितों के शवों के अंतिम संस्कार में प्रशासन यथासंभव सहयोग प्रदान कर रहा है।

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