हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा प्रकाशित पांचवीं कक्षा की हिंदी पाठ्य पुस्तक रिमझिम में त्रुटियों की भरमार है जबकि जानकारी भी गलत दी गई है। इस पुस्तक का पहला अध्याय है ‘राख की रस्सी’। यह अध्याय तिब्बत की एक लोकगाथा पर आधारित है। इसमें बताया गया है कि सौनगवसैन गांपो तिब्बत के 32वें राजा थे जबकि वह 33वें राजा थे और उनका सही नाम सौंगचेन गम्पो है।
पांचवीं कक्षा के हजारों बच्चों को यह गलत जानकारी पिछले तीन साल से पढ़ाई जा रही है। इन गलतियों को अब स्पीति के प्राइमरी स्कूल कीह गोंपा में तैनात जेबीटी अध्यापक मोहन सिंह ने उजागर किया है। मोहन सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर गलतियों को साझा करते हुए कहा है कि ‘राख की रस्सी’ सुंदर पाठ है मगर इसमें कई अशुद्धियां व त्रुटियां हैं।
तिब्बत के राजा के नाम के अलावा मोहन ने कहा है कि लोनपो गार की जगह गंर तोडचन होना चाहिए। लोनपो तिब्बत में मंत्री को कहते हैं। पाठ में दो और तीन पेज में लद्दाखी वेशभूषा का जिक्र है जबकि बात तिब्बत के बारे में है। कई तिब्बती नामों को भी गलत तरीके से लिखा गया है।
नीमा को नाईमा तो डोलाम को दोलमा लिखा गया है। मोहन सिंह ने बताया कि वह गलतियों को लेकर हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड को भी पत्र लिखेंगे। मोहन के अनुसार उन्होंने इन गलतियों को स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के ध्यान में लाया था लेकिन कुछ नहीं हुआ। मजबूरन उन्हें सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ा है।
किताबों को छपने से पहले बोर्ड के विशेषज्ञ चेक करते हैं। बावजूद इसके अगर कहीं त्रुटियां हैं तो उनको बोर्ड के ध्यान में लाया जाए। अगले संस्करण में गलतियों को ठीक कर दिया जाएगा।
- अक्षय सूद, स्कूल शिक्षा बोर्ड के सचिव