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रेरा ने लगाया करोड़ों का जुर्माना, आवंटियों को फ्लैट, मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध न करवाने पर बड़ी कार्रवाई

Sat, 19 Dec 2020 05:37 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) - फोटो : www.hprera.in
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हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) ने आवंटियों को फ्लैट व मूलभूत सुविधाएं मुहैया न कराने पर प्रमोटर पर करोड़ों का रिफंड व जुर्माना लगाया है। रेरा के प्रवक्ता ने बताया कि प्राधिकरण को मैसर्ज राजदीप एंड कंपनी इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड, राजदीप शर्मा पुत्र संसार चंद शर्मा, साक्षी राजदीप पत्नी राजदीप शर्मा, शकुंतला देवी पत्नी संसार चंद शर्मा निवासी गांव जखार तहसील रोहड़ू जिला शिमला हिमाचल प्रदेश के खिलाफ शिकायत कर्ताओं से 12 शिकायतें प्राप्त हुई थीं।

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शिकायत कर्ताओं ने आरोप लगाया है कि उन्होंने वर्ष 2014 में क्लैरीज रेजिडेंसी भराड़ी के ब्लॉक ए,बी,सी और डी में फ्लैट आरक्षित करवाए थे। यह परियोजना कुल 1418 वर्ग मीटर भूमि में है। परियोजना के मालिक राजदीप शर्मा ने मई 2014 में संयुक्त विकास समझौते के तहत भूमि के टाइटल लैंड इंटरस्ट मैसर्ज राजदीप एंड कंपनी इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड को हस्तांतरित कर दिए।

इन प्रमोटरों के खिलाफ प्राप्त शिकायतों में से नौ शिकायतों का फैसला आवंटियों के पक्ष में किया गया है और तीन अन्य शिकायतें सुनवाई/आदेश के लिए लंबित हैं। पांच शिकायत कर्ताओं ने आरोप लगाया है कि प्रमोटर राजदीप शर्मा ने अन्य परिवार के साथ मिलकर ब्लॉक सी और डी में दो बीएचके/तीन बीएचके फ्लैट आरक्षित कर उनकी मेहनत के लगभग 1.65 करोड़ रुपये हड़प लिए हैं।
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प्रमोटर/संबंधित कंपनी ने समय पर निर्माण कार्य नहीं किया या निर्धारित अवधि में फ्लैटों का कब्जा नहीं दिया। शिकायत कर्ताओं ने आरोप लगाया कि ब्लॉक सी और डी में फ्लैट आरक्षित करने के लिए उचित राशि प्राप्त होने के बावजूद प्रमोटर ने उनके फ्लैट तीसरी पार्टी को बेच दिए और उन्हें फ्लैट के आवासीय उपयोग से वंचित किया गया।

अन्य शिकायत कर्ताओं ने आरोप लगाया कि वह करोड़ों की धनराशि खर्च कर ब्लॉक ए में आवंटित फ्लैटों में रह रहे हैं लेकिन  मैसर्ज राजदीप एंड कंपनी इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड और राजदीप शर्मा से बार-बार आग्रह करने पर भी उन्हें बिजली और पानी के घरेलू कनेक्शन प्रदान नहीं किए हैं। वह पानी और बिजली की सुविधा के लिए वाणिज्यिक दरों पर भुगतान कर रहे हैं।

प्रमोटर ने उन्हें पार्किंग, बिजली व पानी, क्लब हाउस भवन/जिम की आधारभूत सुविधा प्रदान किए बिना उनसे लाखों रुपये रखरखाव चार्ज के रूप में प्राप्त किए हैं। प्रवक्ता ने बताया कि प्राधिकरण ने मेरिट के आधार पर नौ मामलों पर फैसला सुनाया और प्रतिवादी प्रमोटर को एसबीआई-एमसीएलआर (हाइएस्ट मार्जिनल कॉस्ट आफ लैंडिंग रेट) की 7.3 प्रतिशत ब्याज दर तथा हिमाचल प्रदेश रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डवेलपमेंट रूल 2017 के रूल 15 के तहत दो प्रतिशत के साथ 1.65 करोड़ रुपये वापस करने के निर्देश दिए हैं।

उन्हें 1.65 करोड़ रुपये वापस करने के साथ इस राशि पर 9.3 प्रतिशत की दर से ब्याज अदा करना होगा। प्राधिकरण ने अधिनियम के तहत दायित्व का निर्वहन न करने पर प्रमोटर पर 21 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह उन्हें रेरा के खाते में दो माह में जमा करना होगा। इसमें असफल रहने पर उन्हें जुर्माने की दोगुना राशि अदा करनी होगी। 

सुविधा प्रदान न करने पर लगाया जुर्माना 
प्राधिकरण ने मैसर्ज राजदीप एंड कंपनी इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड और राजदीप शर्मा पर बिजली व पानी की आधारभूत सुविधा प्रदान न करने और सुविधाएं उपलब्ध न करवाने पर शिकायत कर्ताओं से चार्ज लेने के लिए 18 लाख रुपये का अतिरिक्त जुर्माना लगाया है। यह तीन माह की अवधि में जमा करवाना होगा और इसमें असफल रहने पर जुर्माना राशि के रूप में प्रमोटर को लगभग 50 लाख रुपये और अदा करने होंगे।

साथ ही प्रमोटर को शिकायत कर्ताओं के बिजली व पानी के कनेक्शन डिसकनेक्ट करने की तिथि से उन्हें पुन: लगाने की तिथि तक लिए गए वाणिज्यिक चार्ज तथा रखरखाव के लिए अतिरिक्त चार्ज पर 9.3 प्रतिशत की दर से ब्याज के साथ शिकायतकर्ता को वापस देने होंगे।

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