हिमाचल प्रदेश के निगम-बोर्ड में कोटर्मिनस आधार पर अब किसी भी अधिवक्ता की नियुक्ति नहीं की जा सकेगी। गृह और विधि विभाग ने मिलकर एक नियमावली तैयार की है। इसमेंन्यूनतम अर्हता पूरी करने वाले अधिवक्ता को ही निगम-बोर्ड जिला स्तर पर अपने केस लड़ने के लिए किराए पर नियुक्त कर सकेंगे, साथ ही एक अधिवक्ता की जगह पैनल के तौर पर नियुक्ति होगी ताकि एक अधिवक्ता के उपलब्ध न होने पर दूसरे की मदद ली जा सके।
सरकार ने यह कवायद हाईकोर्ट के निर्देश के बाद की है। जिसमें उसने बोर्ड-निगम के अधिवक्ताओं की नियुक्ति के लिए नियम बनाने के लिए कहा था। इसी के बाद सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार की अध्यक्षता में कमेटी बनाई। जिसने अब नियम तय कर दिए हैं।
जल्द ही इन नियमों को मंत्रिमंडल से मंजूरी मिलते ही लागू कर दिया जाएगा। जिला कोर्ट में अभी तक निगम-बोर्ड में रखे जाने वाले अधिवक्ताओं को सरकारी महकमों की तर्ज पर नियुक्त करने को लेक नियमावली नहीं थी। इसी मामले में कुछ लोगों ने कोर्ट में याचिका दायर कर दी थी।