पड़ोसी देश चीन के साथ बढ़ते सीमा विवाद के बीच भारत ने सीमांत इलाकों में पहली बार सर्दियों में भी आधारभूत संरचना को मजबूत करने में तेजी लाई है। माइनस 25 डिग्री तापमान में जंस्कर-कारगिल हाईवे का निर्माण कार्य जारी है। जोजिला और शिंकुला टनल के साथ केंद्र सरकार ने अब करीब 200 किलोमीटर लंबे पदुम-कारगिल सामरिक सड़क मार्ग को लोक निर्माण विभाग से राष्ट्रीय उच्च मार्ग अधोसंरचना विकास निगम (एनएचआईडीसीएल) को सौंप दिया है।
जंस्कर वैली को पहली बार सर्दियों में भी कारगिल और लेह से जोड़े रखने की कवायद तेज कर दी है। वहीं, एनएचआईडीसीएल इसी साल हिमाचल और जंस्कर को साल भर जोड़ने वाली शिंकुला टनल का निर्माण कार्य शुरू करने जा रहा है। जोजिला टनल का निर्माण कार्य सर्दी के मौसम में भी जारी है। बिना किसी प्राकृतिक बाधा के सुरंग और हाईवे के निर्माण कार्यों को साल भर जारी रखने के लिए एनएचआईडीसीएल लद्दाख और हिमाचल में साइट ऑफिस और प्रोजेक्ट निरीक्षण यूनिट स्थापित करने जा रहा है।
एनएचआईडीसीएल के प्रबंध निदेशक केके पाठक टीम के साथ लद्दाख में निर्माण कार्यों का जायजा ले रहे हैं। केके पाठक ने पदुम-कारगिल सड़क मार्ग में चल रहे निर्माण कार्य का हवाई सर्वेक्षण किया। उन्होंने लद्दाख के लेफ्टिनेंट गवर्नर उमंग नारूला को शिंकुला और जोजिला टनल के साथ दारचा-पदुम-जंस्कर सड़क को लेकर मौजूदा स्टेट्स रिपोर्ट भी सौंपी है। राष्ट्रीय उच्च मार्ग अधोसंरचना विकास निगम के उप महाप्रबंधक अनिल कुमार ने अमर उजाला को बताया कि केंद्र सरकार ने पदुम-कारगिल सड़क मार्ग का जिम्मा अब एनएचआईडीसीएल को सौंप दिया है।
निर्माण कार्य में तेजी लाने को केंद्र ने लिया फैसला
राष्ट्रीय उच्च मार्ग अधोसंरचना विकास निगम से पहले पदुम-जंस्कर सड़क मार्ग का जिम्मा लोनिवि के अधीन रहा है। सड़क निर्माण की रफ्तार सुस्त होने के कारण केंद्र सरकार ने पदुम-जंस्कर सामरिक मार्ग को एनएचआईडीसीएल के सुपुर्द कर दिया है।