सरकार ने ऊना जिले में एक साल से बंद आठ एक्साइज बैरियरों में से चार बैरियरों का ताला खोलने का आदेश जारी किया है। राज्य आबकारी एवं कराधान आयुक्त आरसी ठाकुर ने ये आदेश जारी किए हैं। आबकारी नाकों को अचानक से बंद करने से सरकार को राजस्व का भारी नुकसान उठाना पड़ रहा था।
खोले गए आबकारी नाकों में मरबाड़ी, बाथड़ी, अजौली और संतोषगढ़ शामिल हैं। बीते साल अक्तूबर में सरकार ने जिले के सरहदी इलाकों के आठ आबकारी नाकों पर ताला लगा दिया था। इनके बंद होने से न केवल तस्करों की पौ बारह हो गई थी, बल्कि नंबर दो का सामान आसानी से हिमाचल में दाखिल हो रहा था।
हालांकि, विभागीय टीम छापे मारने के लिए दिन-रात जुटी रही, लेकिन संतोषगढ़, अजौली, मरबाड़ी तथा बाथड़ी के रास्तों से बिना बिल का सामान पंजाब तथा अन्य राज्यों से हिमाचल में लाना आसान हो गया था। विभागीय सूत्रों के अनुसार इन प्रमुख चार आबकारी नाकों को बंद करने से एक साल में ही करीब डेढ़ करोड़ का चूना सरकार को लगा है।
अकेले एक जिले में राजस्व का इतना बड़ा नुकसान हुआ है तो प्रदेश में कितना नुकसान सरकार को उठाना पड़ा है, इसका अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है। राज्य कर एवं आबकारी विभाग में उप आयुक्त शाहदेव कटोच ने बंद किए गए आठ में से चार एक्साइज बैरियरों को दोबारा खोलने के आदेशों की पुष्टि की है।
हर रोज निर्णय बदल रही राज्य सरकार
ऊना सदर के कांग्रेस विधायक सतपाल रायजादा ने कहा कि सरकार आए दिन अपने निर्णय बदल रही है। इसकी मुख्य वजह अफसरशाही का सरकार पर हावी होना माना जा रहा है।