हिमाचल में कैबिनेट पहली बार इस तरह से फेंटी गई। यहां पहले तीन मंत्रियों के पद अलग-अलग परिस्थितियों से खाली करवाए गए तो फिर अब पोर्टफोलियो में बड़े स्तर पर बदलाव हुए हैं। शांता कुमार जब मुख्यमंत्री थे तो उन्होंने समानांतर शासन की कोशिश करते कुछ मंत्रियों के महकमे बदले थे। वीरभद्र सिंह के शुरुआती शासनकाल में भी कुछ मंत्रियों के विभाग बदले गए थे। थोड़े-बहुत बदलाव बाद में भी हुए। फिर भी वीरभद्र-धूमल सरकारों में इस स्तर पर पोर्टफोलियो नहीं बदले गए।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर अपने कैबिनेट मंत्रियों को बार-बार परफॉर्मेंस के लिए चेताते भी रहे, लेकिन उनकी बातों को नरमी से लिया गया। सामने उनके लक्ष्य में सरकार को दोहराना है तो मुख्यमंत्री ने हाईकमान के वरदहस्त से कड़े फैसले लेकर जता दिया कि अब ढील-ढिलाई नहीं चलेगी। मंत्रियों को अपने नट-बोल्ट कसने ही होंगे। ढाई साल पहले मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सत्ता में आते ही अपने सभी 11 मंत्रियों को शपथ दिलाई। उन्होंने पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह की पिछली सरकार की तरह कोई कुर्सी खाली नहीं रखी। जयराम कैबिनेट के दो मंत्रियों की कुर्सियां लोकसभा चुनाव के दौरान खाली हुईं।
तत्कालीन मंत्री किशन कपूर को कांगड़ा से भाजपा का टिकट दिया तो वह लोकसभा के सांसद बन गए। मुख्यमंत्री के गृह जिला मंडी से ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा को इसलिए कुर्सी छोड़नी पड़ी कि उनके बेटे को कांग्रेस ने टिकट दिया और उनके पिता पूर्व केंद्रीय संचार राज्य मंत्री पंडित सुखराम भी कांग्रेस में चले गए। तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल के भाजपा प्रदेशाध्यक्ष बनने के बाद स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार को मंत्री पद छोड़ना पड़ा। वह स्पीकर बनाए गए।
इसके बाद से मंत्रियों के तीन पद खाली चल रहे थे। अब राकेश पठानिया, सुखराम चौधरी और राजेंद्र गर्ग मंत्री बन गए तो सीएम ने केवल इन्हीं को महकमे बांटने के बजाय अपनी कैबिनेट के अन्य मंत्रियों के विभाग भी इधर से उधर कर दिए। अब तक खुद संभाल रहे कई महकमे भी मंत्रियों में बांट दिए। पूर्व सीएम धूमल के करीबी रह चुके दो मंत्रियों सरवीण चौधरी से शहरी विकास और रामलाल मारकंडा से कृषि ले लिए। शहरी विकास सुरेश भारद्वाज को दिया तो कृषि धूमल के ही करीबी रह चुके वीरेंद्र कंवर को दे दिया।
जयराम वीरेंद्र कंवर की परफॉर्मेंस से खुश बताए जाते हैं। सुरेश भारद्वाज से शिक्षा विभाग वापस लेकर गोविंद ठाकुर को दिया गया तो गोविंद ठाकुर से परिवहन लेकर बिक्रम सिंह ठाकुर को दिया गया। गोविंद सिंह ठाकुर से वन और युवा सेवाएं एवं खेल वापस लेकर इन्हें नए मंत्री राकेश पठानिया को दिया गया है। सीएम ने अपने पास रखे प्रमुख विभागों में से राजस्व महेंद्र सिंह ठाकुर, स्वास्थ्य डॉ. राजीव सैजल, ऊर्जा नए मंत्री सुखराम चौधरी और स्वास्थ्य राजीव सैजल को दिया है।