इसी क्षेत्र के सांसद अनुराग ठाकुर केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री के रूप में बड़े प्रतिनिधि हैं तो केंद्रीय नेतृत्व ने यहां से अध्यक्ष को दोहराना ठीक नहीं समझा। कांगड़ा से प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष विपिन परमार पहले मंत्री थे तो वहां से मंत्री का पद खाली हुआ। कांगड़ा से ही किशन कपूर के सांसद बनने के बाद जयराम मंत्रिमंडल में एक और मंत्री पहले से ही कम हो गया था। ऐसे में कांगड़ा से दो मंत्रियों के पद खाली होने के बाद माना जा रहा था कि पार्टी अध्यक्ष कांगड़ा से भी हो सकता है। मगर अध्यक्ष के वहां से नहीं बनने के बाद अब कांगड़ा की मंत्री पद पर दावेदारी और मजबूत हो गई है। हालांकि, शिमला संसदीय क्षेत्र की दावेदारी इससे कम हुई है।
सांसद को अध्यक्ष बनाने के गुजरात, लद्दाख के अध्यक्षों की ताजपोशी से भी दे दिए थे संकेत
हिमाचल में भी कोई सांसद ही अध्यक्ष होगा, इसके संकेत हाईकमान ने 20 जुलाई को लद्दाख और गुजरात के सांसदों को अध्यक्ष बनाकर दे दिए थे। गुजरात के नए प्रदेशाध्यक्ष सीआर पाटिल और लद्दाख के नए भाजपा प्रदेशाध्यक्ष जमयंग छेरिंग नमग्याल भी सांसद हैं।
वीरेंद्र कश्यप का टिकट काटकर लोकसभा चुनाव लड़े थे सुरेश कश्यप
सुरेश कश्यप को जब वर्ष 2019 में शिमला संसदीय सीट से भाजपा का टिकट दिया गया तो वह विधायक थे। उस समय उन्हें टिकट देने के लिए सिटिंग भाजपा सांसद वीरेंद्र कश्यप का टिकट काट दिया गया था। नम्र स्वभाव के कश्यप उस वक्त भी पार्टी में हर स्तर पर स्वीकार्य थे। उस वक्त भी उन्होंने अच्छे मतों से चुनाव जीता था।