नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने कुछ बदलावों के बाद पठानकोट-मंडी फोरलेन परियोजना के कंडवाल से सिंयूनी तक नूरपुर सेक्शन को अंतिम रूप दे दिया है। फोरलेन कहीं 35 तो कहीं 40 मीटर चौड़ा होगा। नागाबाड़ी में प्रस्तावित टोल प्लाजा के चलते ज्यादा चौड़ाई की गई है। सरकारी सूत्रों के अनुसार 31 राजस्व मुहालों के 3781 लोग फोरलेन से प्रभावित होंगे।
933 निजी घर और दुकानें भी इसकी जद में आएंगी। जानकारी के अनुसार कंडवाल में फोरलेन की चौड़ाई 35 मीटर, पक्का टियाला में 40 और नागाबाड़ी में 60 मीटर रखी गई है। जसूर और जाच्छ कस्बे में 32 से 35 मीटर, छतरौली में 35 से 40 मीटर, बासा में 40 से 45 मीटर तक चौड़ाई होगी। जसूर कस्बे में फ्लाईओवर भी प्रस्तावित है। इसकी चौड़ाई 32 मीटर तक होगी।
नूरपुर कस्बे के लिए बाईपास बनाया जाएगा। यह बोड़ से बड़नी तक होगा। इसकी चौड़ाई 45 से 60 मीटर होगी। बड़नी से सियूंनी तक चौड़ाई 45 मीटर होगी। पठानकोट-मंडी एनएच 154 को इसी फोरलेन योजना में शामिल किया गया है। अवार्ड लेटर में मुआवजा दर कंडवाल से राजा के बाग के लिए 1680 रुपये प्रति मीटर निश्चित की गई है।
इसके चलते पिछले दिनों क्षेत्र के लोगों ने नूरपुर सचिवालय में धरना प्रदर्शन किया था। नूरपुर संघर्ष समिति के जनरल सेक्रेटरी विजय हीर व वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुदर्शन शर्मा के अनुसार फोरलेन प्रभावितों को अवार्ड लेटर देते समय भू अर्जन मुआवजा अधिकारी की ओर से फोरलेन सेक्शन एक्ट 26 के प्रावधानों की अनदेखी की गई है।
सूत्रों के अनुसार लोगों के रोष के चलते कंडवाल व राजा बाग मुहाल के अवार्ड लेटर देने का कार्य संबंधित विभाग ने स्थगित कर दिया है। भू अर्जन मुआवजा अधिकारी एसडीएम नूरपुर सुरेंद्र ठाकुर का कहना है कि प्रभावितों को मुआवजा प्राधिकरण राहत व पुनर्वास एक्ट के तहत दिया जाएगा।