हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले की तहसील कोटखाई के थरोला गांव में गुरुवार दोपहर बाद आग लगने से छह घरों के करीब 50 कमरे राख हो गए। इस अग्निकांड से पंद्रह परिवार बेघर हो गए। आग से करोड़ों रुपये के नुकसान का अनुमान है। सूचना मिलने के बाद दमकल दस्ते और पुलिस प्रशासन की टीमें स्थानीय ग्रामीणों के साथ आग बुझाने में देर रात तक जुटी रहीं। आग लगने का कारण शार्ट सर्किट बताया जा रहा है। दो से पांच मंजिला मकान लकड़ी के बने हुए थे।
सबसे पहले लोगों ने जगत राम ,लकी पुरटा, सुरेंद्र सिंह के मकान में आग भड़कते देखी। पता चलते ही इसकी सूचना दमकल विभाग को दी गई। दमकल दस्ते और ग्रामीणों के मौके पर पहुंचने से पहले ही मकान लकड़ियों से बने होने के कारण आग की चपेट में आ चुके थे। आग से घर के अंदर रखा सारा सामान और कुछ मवेशी जल गए। रोहडू, जुब्बल, ठियोग से फायरब्रिगेड की टीमें थरोला पहुंचीं।
इससे पहले कोटखाई से भी दमकल वाहन मौके पर पहुंचा। पीड़ितों में जगत राम, लकी पुरटा ,सुरेंद्र, पम्मी, दिनेश, कमल ,स्वर्णी देवी, राजेंद्र सिंह, नरेश्वर, शांति देवी, हैपी पुरटा, दौलत राम, कला देवी, गुड्डी, राजेंद्र पुरटा, प्रताप और अरुण शामिल हैं। तहसीलदार कोटखाई कैलाश कौंडल ने बताया कि आग से करीब दो से ढाई करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। मुख्य सचेतक नरेंद्र बरागटा ने प्रशासन को मौके पर पहुंचकर पीड़ित परिवारों को राहत देने निर्देश दिए हैं।