प्रदेश के बागवानी विभाग के प्रसार और विक्रय केंद्रों में बागवानों को ब्लाइटॉक्स दवा नहीं मिल रही हैं। बताया जा रहा है कि इस दवा पर प्रतिबंध लगा दिया है। इससे पहले बागवानों को उद्यान विभाग विक्रय केंद्रों में किफायती दरों पर यह दवा को मुहैया करता था। इस साल बागवानों को दवा विक्रय केंद्रों पर उपलब्ध नहीं हो रही है।
ऐसे में सेब उत्पादित जिलों में हजारों बागवानों को मंहगी दरों पर बाजार से दवा को खरीदना पड़ रहा है। सेब तुड़ान के बाद इस दवा का छिड़काव बगीचों में कैंकर जैसी बीमारी के रोकथाम के लिए किया जाता है। घाटी के बागवान अमित ठाकुर, रोशन ठाकुर, चमन ठाकुर, राकेश, चुनी लाल, मुनीष भंडारी, नवीन, कैलाश ठाकुर, लाल चंद तथा अभिषेक आदि का कहना है कि ब्लाइटॉक्स दवा प्रसार केंद्रों में उपलब्ध नहीं हो रही है।
बागवानों को बाजार से मंहगी दरों पर दवा खरीदनी पड़ रही है। सदर फल और सब्जी उत्पादक संगठन के अध्यक्ष लाल चंद ठाकुर ने कहा कि सेब तुड़ान के बाद ब्लाइटॉक्स दवा की स्प्रे करना जरूरी होता है। इससे कई बीमारियों की रोकथाम होती है। इधर, बागवानी विभाग के उपनिदेशक डॉ. विद्या प्रकाश बैंस ने कहा कि सरकार न कुछ दवाओं के प्रयोग पर रोक लगाई है। इस दवा के बदले कौन सी नया दवा आएगी। यह स्प्रे शेड्यूल में ही पता लग सकेगा।