वन विभाग में दस प्रतिशत कोटे के तहत चतुर्थ श्रेणी से वनरक्षक बने कर्मचारी का बारहवीं का प्रमाण पत्र जाली निकला है। पुलिस ने वनरक्षक के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 के तहत मामला दर्ज किया है। वनरक्षक ने प्रमोशन लेने के लिए बारहवीं के जिस प्रमाणपत्र को विभाग के रिकॉर्ड में जमा करवाया था, उसका ऑनलाइन कोई प्रमाण नहीं मिला है। इससे विभाग को प्रमाण पत्र की सत्यता पर शक हुआ और वनरक्षक के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई।
पुलिस ने प्रमाण पत्र को लेकर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में पाया गया कि बारहवीं का यह प्रमाण पत्र नोएडा में बनाया गया है। जाली प्रमाण पत्र बनाने के तार चंबा में किसी शिक्षण संस्थान के साथ भी जुड़े हो सकते हैं। संदेह जताया जा रहा है कि चंबा के किसी संस्थान ने इसे नोएडा में बनवाया है। फिलहाल, इसको लेकर पुलिस जांच कर रही है। कोरोना के चलते पुलिस जांच को अभी नोएडा नहीं जा सकती है, क्योंकि पहले भी किसी केस के सिलसिले में चंबा से दिल्ली गए चार पुलिस कर्मचारी कोरोना संक्रमित हो गए थे।
स्थिति सामान्य होने पर पुलिस प्रमाण पत्र की जांच को नोएडा में दबिश देगी। जांच के दौरान इस तरह के अन्य जाली प्रमाण पत्र के और मामले सामने आ सकते हैं। उधर, एसएचओ चंबा शकीनी कपूर ने बताया कि वन विभाग ने जाली शैक्षणिक प्रमाण पत्र देकर प्रमोशन लेने की शिकायत करवाई थी। जांच में पाया गया कि शैक्षणिक प्रमाण पत्र नोएडा में बनाया गया है। किस संस्थान ने वन रक्षक को यह शैक्षणिक प्रमाण पत्र दिया। इसको लेकर पूरी जांच पड़ताल की जा रही है।