हिमाचल प्रदेश में पटवारी की रिपोर्ट के बगैर ही भवन मालिकों को बिजली का कनेक्शन मिल जाएगा। रेगुलेटरी कमीशन के आदेशों के बाद हिमाचल विद्युत बोर्ड की ओर से सभी भवन मालिकों को बिजली के मीटर जारी किए जा रहे हैं, लेकिन जिन फाइलों में पटवारी की भवन संबंधित रिपोर्ट के बाद तहसीलदार और नायब तहसीलदार के काउंटर साइन नहीं है, बोर्ड के कई कार्यालय से ऐसी फाइलों को लौटाया जा रहा है।
बिजली बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि मीटर लेने को पटवारी की रिपोट अनिवार्य नहीं है। फाइल में टेस्ट रिपोर्ट, भवन मालिक के नाम की जमाबंदी और आईडी प्रूफ के लिए आधार कार्ड होना अनिवार्य किया गया है। हिमाचल में पहले स्थानीय लोगों को ही बिना एनओसी के बिजली के मीटर दिए जाते थे। इसके अलावा जिन लोगों ने जमीन खरीदकर भवनों का निर्माण किया है, अगर उनके भवन का नक्शा पास है तो ऐसी स्थिति में टीसीपी या शहरी निकायों से एनओसी लेकर बिजली का मीटर लगाया जा सकता था। अब इन सारी औपचारिकताओं को पूरी करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अगर किसी का मकान दो व्यक्ति के नाम से है।
तो ऐसी स्थिति में एक व्यक्ति को दूसरे व्यक्ति के लिए कंसेंट पत्र देना होगा। ऐसी स्थिति में औपचारिकताएं पूरी किए जाने पर मीटर लगाने के आदेश जारी किए जा सकेंगे। बोर्ड के प्रबंध निदेशक ई. पंकज ढडवाल ने बताया कि पटवारी की रिपोर्ट की जरूरत नहीं है। जूनियर इंजीनियर और सब डिवीजन कार्यालय को सूचित किया गया है कि आर्डर में जो औपचारिकताएं दी गई हैं, उपभोक्ताओं को वह ही पूरी करनी होगी।