एक साल तक जिस पुनर्वास केंद्र में भर्ती रहीं, उनके संचालकों ने गुरुवार को उन्हें निकाल दिया। शिखा के इलाज पर करीब दो से तीन लाख की राशि खर्च होनी है। गुरुवार की रात शिखा ने चंडीगढ़ में सड़क किनारे बिताई। वीडियो वायरल होने पर सहेलियों ने अब शिखा को चंडीगढ़ के सेक्टर 28 में स्थित पुनर्वास केंद्र में भर्ती करवाया है।
शिखा के लेख देशभर की विभिन्न पत्रिकाओं और समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहे हैं। सिरमौर की एक संस्था शिखा शर्मा को हिमाचल आइकॉन अवार्ड से सम्मानित कर चुकी है। शिखा ने अमर उजाला से बातचीत में बताया कि गुरुवार को उन्हें पुनर्वास केंद्र ने निकाल दिया। यहां वह एक साल से इलाज करवा रही थीं। सड़क किनारे रात बिताने के बाद उनके जानने वाले ने उन्हें सेक्टर 28 में स्थित पुनर्वास केंद्र में भर्ती करवाया है।