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ढली के बाद अब कैथलीघाट वाले हिस्से में भी फोरलेन पर विवाद

Wed, 30 Jun 2021 01:49 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला

सार

फोरलेन के बन जाने के बाद शिमला से चंडीगढ़-दिल्ली का सफर कम होगा, मगर ग्रामीणों का कहना है कि इससे सीधी सड़क नहीं बन रही है, जबकि सड़क को सीधा बनाने में कोई बड़ी समस्या भी नहीं है।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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ढली के बाद अब कैथलीघाट से लगती आनंदपुर, कोट और शोघी पंचायतों में भी फोरलेन पर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने इस महत्वाकांक्षी सड़क को सीधा बनाने की जगह इसे ऊपर-नीचे और ऊबड़-खाबड़ बनाने पर आपत्ति जताई है और व्यापक जनहित देखकर इसकी दोबारा से एनलाइनमेंट करने की मांग उठाई है। 

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फोरलेन के बन जाने के बाद शिमला से चंडीगढ़-दिल्ली का सफर कम होगा, मगर ग्रामीणों का कहना है कि इससे सीधी सड़क नहीं बन रही है, जबकि सड़क को सीधा बनाने में कोई बड़ी समस्या भी नहीं है। इससे पहले एनलाइनमेंट का यह विवाद ढली क्षेत्र में भी उठा था। बाद में यहां दोबारा एनलाइनमेंट हुई। पिछले दिनों केंद्रीय भूतल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी भी इस फोरलेन से लाभ होने की बात मनाली दौरे में भी कर चुके हैं।  

पंचायत आनंदपुर के उपप्रधान अशोक कुमार का कहना है कि यह व्यापक जनहित का मामला है। सरकार को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। कैथलीघाट से रंगाव होकर और शोघी से होते हुए जो ढली तक फोरलेन सड़क बनाई जा रही है, उसे कहीं ऊ पर बनाया जा रहा है तो कहीं नीचे उतरकर बना रहे हैं। फोरलेन तो सीधा बनना चाहिए। इन्हें दूरी घटाने के लिए बनाया जाता है, न कि दूरी बढ़ाने के लिए।
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ये खेल उनकी पंचायत आनंदपुर, कोट और शोघी में हो रहा है। शोघी से रगांव तक यही हाल है। रगांव बहुत नीचे है। नेशनल हाइवे अथारिटी सड़क को यहां बहुत नीचे ले जा रही है। लोगों का यह भी मुद्दा है कि जो जमीनें काटी जा रही हैं, उनके साथ प्रोटेक्शन वाल नहीं दी जा रही हैं। बारिश होने के कारण यहां घासणियों में ऊपर तक दरारें आना शुरू हो गई हैं।  

एनएचएआई के परियोजना निदेशक एसके शर्मा का कहना है कि सब कुछ प्लान के मुताबिक हो रहा है। फिर भी इसमें किसी को कोई आपत्ति हो तो उनसे संपर्क कर सकते हैं। समस्या का समाधान निकालने का प्रयास होगा। 

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