प्रदेश के सरकारी स्कूलों के लिए पुस्तकों की खरीद प्रक्रिया पर विवाद होते ही शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है। शिक्षा सचिव ने सभी चयनित 49 फर्मों से उनके जीएसटी नंबर, पैन कार्ड नंबर, पंजीकृत ईमेल आईडी और इन्कम टैक्स रिटर्न के दस्तावेज तलब किए हैं। दस्तावेजों की जांच के बाद ही चयनित कंपनियों का भविष्य तय होगा। प्रकाशकों ने समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय पर पुस्तकों की खरीद प्रक्रिया में अनियमितता बरतने का आरोप लगाया है।
चहेते प्रकाशकों को नियमों को दरकिनार कर चुनने का आरोप लगाया गया है। प्रधानमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री कार्यालय को मामले की शिकायत दी गई है। आरोप है कि चयनित की गई 49 फर्मों में से 33 फर्मों के पते आठ पतों पर दर्ज हैं। मंगलवार को पुस्तक खरीद मामले में घोटाले की आशंका की सचिवालय से लेकर शिक्षा निदेशालय तक चर्चा रही।
2019-20 में भी बिना टेंडर खरीद का आरोप
समग्र शिक्षा अभियान के राज्य परियोजना कार्यालय पर शैक्षणिक सत्र 2019-20 के दौरान भी बिना टेंडर करीब दस करोड़ की राशि से पुस्तकों की खरीद करने का आरोप लगाया गया है। प्रकाशक संघों का कहना है कि सिर्फ एक कमेटी गठित कर विभागीय अधिकारियों ने चहेतों को लाभ देने के लिए 19 प्रकाशकों को काम दिया।