केंद्रीय भूतल एवं परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के विजन पर हिमाचल में काम शुरू हो गया है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी और पर्यटन विभाग ने मंथन शुरू कर दिया है। प्रदेश में अब जो भी नेशनल हाईवे और फोरलेन बनेंगे, उनके किनारों पर ऐसे स्थान तलाशे जाएंगे, जहां पर्यटन की संभावनाएं विकसित हों। स्थानीय लोगों को भी रोजगार के अवसर दिए जाएंगे।
हाल ही में अपने कुल्लू दौरे के दौरान गडकरी ने इस संबंध में हिमाचल सरकार को टिप्स दिए थे। जिन पर काम शुरू हो गया है। आगामी कैबिनेट की बैठक में इस मामले को लाया जा सकता है। नितिन गडकरी ने कहा था कि प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। हिमाचल प्रदेश स्विट्जरलैंड से कम नहीं है, पर यह तब तक विकसित नहीं होगा, जब तक यहां पर सड़कें दुरुस्त नहीं होंगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस संबंध में प्रस्ताव तैयार कर कैबिनेट में लाए। केंद्र सरकार की ओर से इसमें भरपूर मदद की जाएगी।
हिमाचल की सड़कें पहाड़ों और जंगलों के बीच से होकर गुजरती हैं। पर्यटकों को भी हिमाचल की खूबसूरत वादियां, हरियाली और पर्यावरण खींचकर लाता है। कैथलीघाट-ढली निर्माणाधीन फोरलेन भी पहाड़ काटकर तैयार किया जा रहा है। इसमें भी पर्यटन की अपार संभावनाएं है। दूसरा, राज्य में राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे बड़ी संख्या में लोगों ने दुकानें खोल दी हैं। यहां लोगों को रोजगार मिल सकेगा।
पर्यटन बढ़ेगा तो हिमाचल के लोगों को मिलेगा रोजगार
हिमाचल में पर्यटन की बहुत संभावनाएं हैं। एनएच और राज्यमार्गों की लाइनमेंट तैयार करते वक्त पर्यटन को विकसित करने की योजना भी ध्यान मेें रखी जा रही है। पर्यटन बढ़ेगा तो हिमाचल के लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।
- सुभाशीष पांडा, प्रधान सचिव, लोनिवि एवं पर्यटन।