मनाली-लेह हाईवे पर लगभग तैयार सामरिक महत्व की 8.8 किलोमीटर लंबी अटल टनल के उद्घाटन को लेकर रक्षा मंत्रालय गंभीर हो गया है। रोहतांग दर्रे पर बनी टनल का उद्घाटन सितंबर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। ऐसे में अगले सप्ताह तक रक्षामंत्री राजनाथ सिंह टनल के निरीक्षण को रोहतांग पहुंच रहे हैं। सीमा सड़क संगठन इसकी तैयारियों में जुट गया है।
भारत और चीन सीमा पर चल रहे विवाद को लेकर रक्षा मंत्रालय बॉर्डर के इलाकों की सड़कों और टनल के निर्माण को लेकर गंभीरता दिखा रहा है। इन दिनों टनल के भीतर का शेष कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। टनल के उद्घाटन को देखते हुए इस माह के पहले सप्ताह में प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी टनल का निरीक्षण किया था।
उन्होंने साउथ से लेकर नोर्थ पोर्टल तक टनल के भीतर के निर्माण कार्य का जायजा लिया था। इसके अलावा बीच-बीच में बीआरओ के बड़े अधिकारी भी यहां पहुंचकर जायजा ले रहे हैं। करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर बन रही अटल टनल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। टनल से मनाली-लेह की दूरी करीब 45 किलोमीटर कम होगी।
वहीं जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के लोग सर्दी के मौसम में 12 महीने शेष दुनिया से जुड़े रहेंगे। सर्दी में रोहतांग दर्रे पर भारी बर्फबारी से घाटी के लोगों का जनजीवन छह से सात माह के लिए पूरी तरह से कट जाता है। बीआरओ के मुख्य अभियंता ब्रिगेडियर केपी पुरषोतम ने कहा कि रक्षा मंत्री के आने की सूचना है, लेकिन तिथि अभी तय नहीं है। उन्होंने कहा कि टनल के अंदरूनी भाग में काम जारी है।