केस-3: पुलिस को दिए दस्तावेजों में दर्ज पते का कोई गांव ही नहीं
वर्ष 1997 में आरोपी रमेश चंद पुत्र बाबू राम शर्मा के खिलाफ शराब की तस्करी का मामला सदर थाना पुलिस ने दर्ज किया था। आरोपी ने पुलिस के समक्ष अपना पता गांव नुजे, तहसील अर्की, सोलन और हाल नौकर सब्जी मंडी शिमला ढाबा नंबर-7 दर्ज किया था। 27 साल पहले दर्ज इस मामले में फरार चल रहे मुलिजम के बारे में पुलिस ने अदालत में बताया कि दस्तावेजों के दर्ज पते पर इस नाम का कोई गांव ही नहीं है।
केस-4: 1987 में पत्नी और बेटे की हत्या के बाद आरोपी फरार
यह मामला राजधानी के सदर क्षेत्र का है। महाराष्ट्र के पुणे के मकान नंबर 844/98 दित्या शक्ति हाउसिंग सोसाइटी महापिनागत निवासी महेश पोपट उर्फ लाल लाल बुखारिया पर हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। शहर के एक होटल में आरोपी पर पत्नी और बेटे की हत्या के आरोप लगे। पुलिस अदालत के समक्ष सबूतों और गवाहों को भी पेश कर चुकी है। लेकिन, आरोपी पुलिस की गिरफ्त में एक बार भी नहीं लगा। महेश 37 सालों से फरार चल रहा है। अदालत ने उद्घोषित अपराधी करार दिया है।