नोटों के दम पर कहीं ईमान को गिरवी तो नहीं रख दिया
निर्दलीय विधायकों के इस्तीफे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि नोटों के दम पर कहीं ईमान को गिरवी तो नहीं रख दिया गया। उन्होंने कहा कि इस्तीफे के पीछे क्या है, यह देखा जाना चाहिए। वे तो आजाद विधायक थे, उन्हें कांग्रेस से चुनाव तो लड़ना नहीं था और मुख्यमंत्री से उनका कैसा संबंध था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें इस्तीफा नहीं देना चाहिए था, जनता की भावनाओं का सम्मान करना चाहिए था। यह देखना चाहिए कि कहीं नोटों के दम पर ईमान तो नहीं बेच दिया। उन्होंने कहा कि आजाद विधायक पर सरकार का कोई हस्तक्षेप नहीं होता है, वह किस दबाव की बात कर रहे हैं।
लोकतांत्रिक मूल्यों की भाजपा हत्या कर रही है, इसे जनता स्वीकार नहीं करेगी। निर्दलीय विधायकों ने कुछ गलत किया होगा, तभी इस्तीफा दिया है। भाजपा के विधायक इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि जब भाजपा देखती है कि सत्ता वोट के दम पर न मिले तो कोशिश की जाती है कि सत्ता को नोट के दम पर हथियाया जाए। उन्होंने कहा कि निर्दलीय विधायक सीआरपीएफ की सुरक्षा में हेलिकाप्टर में आ रहे हैं और जा भी हेलिकाप्टर में रहे हैं।
सरकार, मुख्यमंत्री के खिलाफ कभी नहीं कहा : प्रतिभा
प्रेस वार्ता के दौरान प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रतिभा सिंह ने कहा कि मैंने यह कभी नहीं कहा कि मुख्यमंत्री और सरकार काम नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि मैंने जो बयान दिया है, वह चुनाव न लड़ने को लेकर उनका निजी फैसला है।
कई विधायकों ने कहा- चिट्ठी नहीं भेजी
उधर, कई कांग्रेस विधायकों का कहना है कि उनकी ओर से प्रतिभा सिंह को अध्यक्ष पद से हटाने की मांग करती चिट्ठी नहीं भेजी गई है। विधायकों के इस बयान ने प्रतिभा सिंह को हटाने की चर्चाओं पर विराम लगा दिया है, ताकि पार्टी को चुनाव के दौरान कोई नुकसान न हो।