कोरोना की दूसरी लहर ने हिमाचल आने वाले दिल्ली के सेब आढ़तियों के कदम रोक दिए हैं। मई में अंतरराष्ट्रीय आजादपुर सब्जी मंडी के आढ़ती सेब की फसल का आकलन करने के लिए हिमाचल आते थे। इस बार कोरोना की दूसरी लहर ने सेब आढ़तियों, व्यापारियों और बागवानों का संतुलन बिगाड़ दिया है। आढ़ती दावा कर रहे हैं कि 10 जून के बाद ही वे स्थिति साफ करेंगे।
कोरोना की दूसरी लहर ने हिमाचल आने वाले दिल्ली के सेब आढ़तियों के कदम रोक दिए हैं। मई में अंतरराष्ट्रीय आजादपुर सब्जी मंडी के आढ़ती सेब की फसल का आकलन करने के लिए हिमाचल आते थे। इस बार कोरोना की दूसरी लहर ने सेब आढ़तियों, व्यापारियों और बागवानों का संतुलन बिगाड़ दिया है। आढ़ती दावा कर रहे हैं कि 10 जून के बाद ही वे स्थिति साफ करेंगे।
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हालांकि, आढ़तियों ने इस बार सेब के दामों में भारी उछाल आने का दावा किया है। गुरुवार को आजादपुर सब्जी मंडी में पहुंची शिमला की चेरी को गत वर्ष के मुकाबले प्रति किलो दोगुना दाम मिले हैं। चेरी के दाम 100 से 200 रुपये प्रतिकिलो पहुंच गए हैं।
के क्रॉस एन कंपनी के मालिक नरेश ढल ने बताया कि 10 जून के बाद स्थिति देखकर आढ़ती हिमाचल का रुख करेंगे। उन्होंने बताया कि हिमाचल में इस बार 2019 के मुकाबले 50 फीसदी फसल है। सेब बागवानों में चंद्रमणि, देवीराम, लाभ सिंह, घनश्याम ठाकुर, यशवंत, भीम सिंह, डोले राम, रमेश ठाकुर, अरुण राज, दुर्गा दास और पुष्प राज ने बताया कि आजकल आढ़ती हिमाचल के सेब बगीचों का भ्रमण कर उन्हें एडवांस देते थे।
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बागवानों ने बताया कि कोरोना के दूसरे चरण ने यह व्यवस्था खराब कर दी है। बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज ने बताया कि हिमाचल में इस बार सेब की फसल कम है। उन्होंने बताया कि 2019 के मुकाबले फसल का आधा उत्पादन हुआ है।