विधायक विनोद ने इतना तक कह दिया कि आप बताएंगे कि मुझे क्या करना है और क्या नहीं। स्थिति को गंभीर होते देख पहले से मौके पर जाने को तैयार एसडीएम स्मृतिका नेगी ने जब विधायक विनोद और लोगों को मौके पर जाने के लिए कहा तो स्थिति सामान्य हुई। विधायक विनोद ने कहा कि आप तिरपाल भी साथ ले चलें, अगर मौके पर जाना है तो। इसके बाद एसडीएम कार्यालय में मचा घमासान शांत हुआ।
विधायक ने की बदतमीजी : एसडीएम
एसडीएम बल्ह स्मृतिका नेगी ने कहा कि विधायक ने कार्यालय कानूनगो से अभद्र व्यवहार किया। उन्होंने कहा कि उनके उपमंडल में प्रभावितों की जो लिस्ट आई है, उसके आधार पर सही राहत लोगों को वितरित की जा रही है।
अधिकारियों से रखा प्रभावितों का पक्ष
विधायक विनोद कुमार ने कहा कि रेफल और साथ लगती पंचायतों में प्रभावितों को एसडीएम कार्यालय बल्ह की ओर से सही तरह से राहत नहीं दी जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रभावित ग्रामीणों का पक्ष रखने वे एसडीएम कार्यालय बल्ह गए थे।
प्रदेश में प्राकृतिक आपदा के कारण एक ही दिन में विभिन्न क्षेत्रों में 50 से ज्यादा लोगों की हुई मौत होने पर विधायक राकेश जंवाल ने दुख जताया है। विधाायक ने कहा कि आपदा के समय कांग्रेस के नेता घटिया और ओछी राजनीति कर आपदा पीड़ितों के साथ भेदभाव कर प्रशासन पर दबाव बनाकर चुनिंदा लोगों को राहत देने में तवज्जो दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि बीते दिनों पूरे प्रदेश में मूसलाधार बारिश के कारण भारी नुकसान हुआ है।
उनके विधानसभा क्षेत्र सुंदरनगर में भी दो दिन पहले कई जगह बादल फटने की घटनाएं सामने आई हैं और इसमें सुखद पहलू यह है कि किसी तरह का कोई जानी नुकसान नहीं हुआ है, हालांकि लोगों के घर, जमीन और पशुधन जरूर बहे हैं। उन्होंने कहा कि जब विधानसभा क्षेत्र में बादल फटने की घटनाएं हुईं, तब वे शिमला में थे। कई जगह रास्ते अवरुद्ध होने के बाद भी प्राकृतिक आपदा की सूचना मिलते ही वे अपने लोगों के बीच सहायता को पहुंचे हैं।
विधायक ने सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि आपदा की इस घड़ी में राजनीति नहीं होनी चाहिए। देखा जा रहा है कि कुछ हारे नकारे लोग राजनीति कर अपने लोगों को लाभ पहुंचा रहे हैं लेकिन जो अन्य प्रभावित हैं उन्हें न तो तिरपाल और न ही अन्य किसी तरह की राहत सामग्री दी जा रही है। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों को भी चेताया कि वह प्रभावितों तक मदद पहुंचाने में कोई भेदभाव न करें।