वहीं, वैश्विक महामारी कोरोना जिस तरह अपने पैर पसार रही है, उससे कुल्लू जिले के लोग सहमे हुए हैं। जिले में एक दिन में छह पॉजिटिव मामले आने से लोगों में खौफ का माहौल है। घाटी की पंचायतों और होटलियर एसोसिएशन ने होटल नहीं खोलने का फैसला लिया है। ग्राम पंचायत गोजरा के पदाधिकारियों ने भी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को प्रदेश में सैलानियों को प्रवेश न देने को लेकर पत्र लिखा है। गोजरा पंचायत प्रधान पदमा ठाकुर ने कहा कि ग्रामीणों की मांग पर कोरोना के चलते पंचायत में होटल खोलने और अन्य गतिविधियां करने पर प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि अगले चार माह तक कुल्लू में सैलानियों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया जाए।
विशिष्ठ और सिमसा गांव के होटलियर धर्म चंद ठाकुर, प्रेम चंद ठाकुर, गुप्त राम ठाकुर, रोशन ठाकुर, मनाली होटलियर एसोसिएशन के उपप्रधान महेश ठाकुर ने कहा कि होटलियर एसोसिएशन का होटल न खोलने का फैसला सराहनीय है। कोरोना अपने उच्चतम स्तर पर है। ऐसे में होटल नहीं खोलना सही कदम है। यदि कोई होटलियर होटल खोलना चाहता है तो वह सुनिश्चित कर ले कि उसे पॉजिटिव मामला आने पर स्वयं ही परिस्थिति से निपटना होगा। एसोसिएशन उसकी कोई मदद नहीं करेगी। सितंबर में होटल एसोसिएशन की बैठक की जाएगी। तब तक कोरोना का ग्राफ कम होता है तो उचित निर्णय लिया जाएगा।