डाइट सोलन के प्रधानाचार्य चंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि प्री-वोकेशनल शिक्षा में विद्यार्थी अपनी मर्जी से विषय पढ़ सकते हैं। उन्हें अपने जिले में तैयार होनी वाली मशरूम, टमाटर सहित अन्य विषयों की भी जानकारी दी जा रही है।
जिला सोलन के विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ तकनीकी शिक्षा भी दी जाएगी। उन्हें मशरूम उगाने की तकनीक बताई जाएगी। बच्चों को मशरूम निदेशालय चंबाघाट और नौणी विवि में मशरूम की जानकारी के साथ-साथ उसकी पैदावार के बारे में बताया जाएगा। जिला शिक्षा विभाग प्री-वोकेशनल शिक्षा के तहत छठी से आठवीं कक्षा को जानकारी देगा। मशरूम और कृषि विशेषज्ञों से भी विद्यार्थी इसकी जानकारी हासिल कर सकेंगे।
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जानकारी के अनुसार छठी से आठवीं कक्षा तक विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा का ज्ञान दिया जा रहा है। खास बात यह है कि विद्यार्थियों को जिस विषय के बारे में पढ़ाया जा रहा है, उस विषय के बारे में तकनीकी शिक्षा भी दी जाएगी। हालांकि, प्री-वोकेशनल कोर्स करवाने के लिए कोई अलग से विषय नहीं होगा।
विद्यार्थियों को उसी वोकेशनल कोर्स की जानकारी दी जाएगी, जो क्षेत्र में चल रहा है। जैसे सोलन में मशरूम की खेती, टमाटर, कुल्लू में शॉल, शिमला में सेब की खेती सहित सिरमौर में लोइया की जानकारी सहित तकनीकी शिक्षा दी जा रही है। जिले के 40 स्कूलों में वोकेशनल कोर्स शुरू किए गए हैं।
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डाइट सोलन के प्रधानाचार्य चंद्र मोहन शर्मा ने बताया कि प्री-वोकेशनल शिक्षा में विद्यार्थी अपनी मर्जी से विषय पढ़ सकते हैं। उन्हें अपने जिले में तैयार होनी वाली मशरूम, टमाटर सहित अन्य विषयों की भी जानकारी दी जा रही है।