कोरोना संकट के बीच प्रदेश के छह जिलों के 3222 विद्यार्थियों ने ऑनलाइन पढ़ाई करने के लिए स्मार्ट फोन लेने को राज्य सहकारी बैंक से ऋण लिया है। बैंक 25 हजार रुपये तक का ऋण दे रहा है। एक महीने में योजना के तहत छह जिलों में सात करोड़ की राशि फोन लेने के लिए आवंटित की गई है। बैंक प्रबंधन ने नौ फीसदी ब्याज पर तीन साल के लिए ऋण देने की योजना चलाई है।
दस जून को बैंक के निदेशक मंडल ने योजना को मंजूरी दी है। ऋण लेने के लिए अभिभावकों को स्कूल डायरी, आई कार्ड या स्कूल फीस की स्लिप बैंक की स्थानीय शाखा में देनी होगी। बाजार से लिए जाने वाले फोन की कोटेशन भी बैंक में देनी होगी। इन दस्तावेजों के आधार पर बैंक प्रबंधन ऋण का केस मंजूर कर देगा। बैंक प्रबंधन ने बताया कि 3222 केस आठ जुलाई तक स्वीकृत किए गए हैं। सौ से अधिक केस आगामी दो से तीन दिनों के भीतर मंजूर हो जाएंगे।
| जिला |
मोबाइल लेने वाले विद्यार्थी |
स्वीकृत राशि (लाख में) |
| शिमला |
1075 |
246.02 |
| मंडी |
904 |
168.17 |
| सिरमौर |
580 |
123.93 |
| बिलासपुर |
251 |
50.31 |
| किन्नौर |
209 |
50.62 |
| चंबा |
203 |
45.42 |
| कुल |
3222 |
684.47 |
योजना को लेकर काफी अच्छा रिस्पांस : पंकज
कोरोना संकट के बीच अभिभावकों को अपने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए फोन की जरूरत पड़ रही है। एक साथ पैसा खर्च करने में अभिभावकों को परेशानी न आए, इसके लिए ऋण योजना को शुरू किया गया है। - डॉ. पंकज ललित प्रबंध निदेशक राज्य सहकारी बैंक