बद्दी के मानपुरा स्थित मेडेन फार्मा में बनीं 5 दवाओं समेत हिमाचल की 27 दवाएं जनवरी के ड्रग अलर्ट में सही नहीं पाई गई हैं। विभाग ने मेडेन फार्मा को नोटिस जारी किया है। इसी कंपनी की सोनीपत शाखा में बनी खांसी की दवा पीने से दक्षिण अफ्रीकी देश गाम्बिया में 60 बच्चों की मौत होने की बात सामने आई थी। सोनीपत में मेडेन फार्मास्युटिकल्स लिमिटेड की सहायक कंपनी की ओर से बनाए गए कफ सिरप में जहरीला पदार्थ डायथिलीन ग्लाइकॉल और एथिलीन ग्लाइकॉल पाया गया था।
इसी कंपनी की सहायक कंपनी मानपुरा में भी है। ड्रग विभाग ने इस कंपनी की एक दवाई के पांच अलग-अलग सैंपल लिए थे। पांचों सैंपल मानकों पर खरा नहीं उतरे हैं। पांचों सैंपल में दवाई में कोई कमी नहीं है, लेकिन कंटेंट की मात्रा कम होने से इन्हें फेल किया है। दवाओं के सैंपल को प्रोपलीन ग्लाइकॉल की जांच के लिए भेजे गए थे। रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि इन नमूनों में हानिकारक पदार्थ नहीं पाया गया था, लेकिन कई अन्य कारणों से नमूनों को घटिया घोषित किया है।
डिप्टी ड्रग कंट्रोलर मनीष कपूर ने बताया कि संबंधित कंपनी को नोटिस जारी किया है। हालांकि, यह कंपनी 11 माह से बंद है। केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन ने दिसंबर में 1,375 दवाओं के सैंपल लिए थे। इनमें 1,305 दवाओं के सैंपल पास हुए हैं। देश भर में 70 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। प्रदेश में बनी दवाओं के 27 सैंपल फेल हुए हैं।
जिन कंपनियों के सैंपल फेल हुए हैं, उनमें बद्दी की मेडिकेयर, कालाअंब की लाइफ साइंस, एलवेस हेल्थकेयर, लेबोरेट फार्मास्युटिकल, पांवटा साहिब डीएसपी, वेल्बयोर रेमीडीज, नेक्सकेम, अमस्ट लैब, एटोवोडोक, शिवम, मेडेन फामास्युटिकल, सिपला, डीएम फार्मा और बायोलोजिक कंपनी शामिल हैं।
मेडेन फार्मा के पांच सैंपल फेल
प्रदेश की 27 दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं। जिन दवाओं के सैंपल फेल हुए हैं, उनका स्टॉक बाजार से वापस मंगवाने के आदेश दिए हैं। उद्योगों को नोटिस जारी किए हैं। अब ड्रग विभाग स्वयं केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन के साथ मिलकर सैंपल ले रहा है।
दक्षिण अफ्रीकी देश गाम्बिया में कफ सिरप पीने से कई बच्चों की मौत हुई थी। हरियाणा के सोनीपत की कंपनी की दवाई मिली थी। उसकी ब्रांच मानपुरा में होने से ड्रग विभाग ने एहतियात के तौर पर कंपनी में बनी दवा पांच अलग-अलग बैच के सैंपल लिए थे। ये मानकों पर सही नहीं पाए गए।
- नवनीत मरवाह, ड्रग कंट्रोलर