अन्य जिलों की बात करें दो पिछले साल एनडीपीएस में बद्दी में 94 पुरुष, सात महिलाएं, बिलासपुर में 288 पुरुष, पांच महिलाएं, चंबा में 107 पुरुष, हमीरपुर में 107 पुरुष, एक महिला, कांगड़ा में 235 पुरुष, 9 महिलाएं, किन्नौर में 138 पुरुष, एक महिला, कुल्लू में 215 पुरुष, 16 महिलाएं, लाहौल स्पीति में 12 पुरुष, एक महिला, मंडी में 277 पुरुष और 11 महिलाएं पकड़ी गईं। नूरपुर में 98 पुरुष, 21 महिलाएं, शिमला में 473 पुरुष, 17 महिलाएं, सिरमौर में 135 पुरुष, 10 महिलाएं, सोलन में 157 पुरुष, 10 महिलाएं, ऊना में 165 पुरुष और 3 महिलाएं पकड़ी गईं।
हालांकि, बीते साल प्रदेश में 72.71 फीसदी मामलों में नशा तस्करी के आरोपी दोषमुक्त हो गए। नशा तस्कर पुलिस से चार कदम आगे चल रहे हैं और सारे सबूत पुलिस के हाथ नहीं लगने दे रहे हैं। कोर्ट में अपराध साबित नहीं होने पर वर्ष 2024 में एनडीपीएस के 27.39 प्रतिशत मामलों में ही सजा हो पाई और 72.71 फीसदी में संलिप्त लोग छूट गए। साल 2024 में 1070 मामलों का निपटारा किया गया। इनमें से 293 मामलों में सजा हुई और 777 मामलों में आरोपी बरी हो गए। अवैध तरीके से 21,50,09,138 रुपये की संपत्ति अटैच की गई। हिमाचल प्रदेश में एनडीपीएस के 9418 मामले लंबित हैं। एनडीपीएस से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए 42 कोर्ट बनाए गए हैं।
जुन्गा में एनडीपीएस डिविजन खोला, पर साइंटिफिक अधिकारी नहीं
जुन्गा स्थित राज्य फोरेंसिक साइंस प्रयोगशाला में 2006 में सहायक निदेशक, साइंटिफिक अधिकारी और अन्य स्टाफ के साथ एनडीपीएस डिविजन खोला गया, पर यहां पर साइंटिफिक अधिकारी का पद रिक्त चल रहा है। क्षेत्रीय फोरेंसिक साइंस लैब मंडी और धर्मशाला में भी एनडीपीएस डिविजन खोलने पर विचार चल रहा है, मगर अभी यह विचाराधीन है।