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मिड डे मील कर्मी इस दिन हड़ताल पर, स्कूलों में ऐसे बनेगा खाना

Wed, 10 Jan 2018 10:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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प्रदेश के हजारों मिड डे मील वर्कर्स की हड़ताल को देखते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने वैकल्पिक व्यवस्‍था की है। ग्रीष्मकालीन स्कूलों के प्रमुखों को भोजन का इंतजाम करने के आदेश दिए गए है। 

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प्रदेश के हजारों मिड डे मील वर्कर्स 17 जनवरी को हड़ताल पर रहेंगे। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने मिड डे मील की व्यवस्था बनाए रखने के लिए स्कूल प्रबंधन कमेटियों को भोजन का इंतजाम करने की जिम्मेवारी सौंपी है। 

ग्रीष्मकालीन छुट्टियों वाले स्कूलों में बच्चों के लिए दोपहर का भोजन बनाने की वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने सभी स्कूल प्रमुखों सहित जिला उपनिदेशकों और मिड डे मील प्रभारियों को आदेश जारी हर हालत में भोजन का इंतजाम करने को कहा है।

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इसलिए लिया वर्करों ने हड़ताल का फैसला

केंद्र और राज्य सरकार पर कर्मियों का शोषण करने का आरोप लगाते हुए मिड डे मील वर्कर्स यूनियन ने 17 जनवरी को एक दिन की हड़ताल करने का फैसला लिया है। 

मिड डे मील वर्कर्स यूनियन (संबंधित सीटू) की राज्य कमेटी ने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें लगातार मिड डे मील वर्कर्स के वेतन में बढ़ोतरी की बात करती हैं, लेकिन उसे लागू नहीं करतीं। 

मिड डे मील वर्कर्स यूनियन की राज्य उपाध्यक्ष हिमी देवी ने बताया कि केंद्र सरकार की अनदेखी के चलते 17 जनवरी को पूरे प्रदेश में हड़ताल करने का फैसला लिया गया है। 
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मिड डे वर्करों की है ये मांगे

नौ साल से उन्हें केवल एक हजार रुपये प्रतिमाह वेतन दिया जा रहा है। महंगाई कई गुणा बढ़ने के बावजूद मिड डे मील वर्कर्स को राहत देने के नाम पर कुछ नहीं किया जा रहा है। उन्होंने मांग उठाई कि मिड डे मील वर्कर्स को प्रतिमाह 6300 रुपये वेतन दिया जाए।

45वें श्रम सम्मेलन की सिफारिशों के अनुसार वर्कर्स को पक्का किया जाए। मिड डे मील वर्कर्स  की नौकरी से संबंधित 25 बच्चों की संख्या शर्त को हटाया जाए। प्रत्येक पाठशाला में दो मिड डे मील वर्कर्स की नियुक्ति की जाए।

प्रसूति अवस्था के दौरान महिला को वेतन सहित कम से कम चार महीने का अवकाश दिया जाए। मिड डे मील वर्कर्स को दस महीनों के बजाय 12 महीनों का वेतन दिया जाए। वर्कर्स को नियुक्ति पत्र दिए जाएं।

स्कूलों में मिलने वाली छुट्टियां वेतन सहित दी जाएं। हिमी देवी ने कहा कि 17 जनवरी को सांकेतिक हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी अगर सरकार ने मांगों को पूरा नहीं किया तो उग्र आंदोलन किया जाएगा।
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