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नए सीएम के परिवार में भावनाओं का ज्वार, जयराम की मां ने लिया ये प्रण

Wed, 27 Dec 2017 10:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मंडी/ गोहर/ जंजैहली
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जयराम ठाकुर ने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह में पिता के साथ न रहने की टीस हमेशा रहेगी।  भावी मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि आज अगर उनके पिता जेठूराम इस दुनिया में होते तो उन्हें प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेता देख बेहद खुश होते। 
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खुशी के इस मौके पर पिता के साथ न होने की टीस हमेशा रहेगी। मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने से एक दिन पहले जयराम ठाकुर ‘अमर उजाला’ से खास बातचीत में बोले - खुशी की इस घड़ी में गम रहेगा तो बस उनके पिता के न होने का। 

उन्होंने कहा कि माता ब्रिकमू देवी उनकी इस उपलब्धि पर बेहद खुश हैं, लेकिन वे भी दिवंगत पति की कमी को महसूस कर रही हैं। शपथ समारोह से दो दिन पहले जयराम ठाकुर के पिता जेठूराम की पहली बरसी हुई। 
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बुधवार को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह की तैयारियों और दिग्गज नेताओं के स्वागत की जिम्मेदारियों पर जयराम बोले - वे पूरी निष्ठा के साथ इनका निर्वहन करेंगे। 

जयराम ठाकुर के मुख्यमंत्री बनने की चर्चा के बाद शपथ समारोह की अटकलें मंडी के पड्डल मैदान में लगाए जाने पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रदेश की राजधानी शिमला में है और शपथ ग्रहण समारोह भी शिमला के ऐतिहासिक रिज मैदान पर ही होगा। इसके बाद शपथ समारोह की तैयारियां शिमला के रिज मैदान में शुरू की गईं। 

बेटे के शपथ ग्रहण करने तक अन्न ग्रहण नहीं करेंगी बिक्रमू

एक तरफ देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई सीएम हिमाचल के नए मुख्यमंत्री ठाकुर जयराम के शपथ समारोह का हिस्सा बनेंगे। दूसरी तरफ, जयराम का साधारण परिवार खेतीबाड़ी और जरूरी दिनचर्या के कार्यों में व्यस्त रहेगा। जयराम एक बेहद साधारण ग्रामीण परिवार में पले-बढ़े हैं।

सिर पर सीएम होने का ताज भी इस परिवार की मिट्टी से जुड़ी गहरी जड़ों को बदल नहीं पाया। मंगलवार को शपथ समारोह है, लेकिन परिवार की दिनचर्या में कोई बदलाव नहीं आया है। खासकर विकट परिस्थितियों में सीएम को पालने वाली उनकी मां बिक्रमू देवी के हावभाव में कोई परिवर्तन नहीं आया है।

शपथ के दिन भी गाय को चारा देना, मेहमानों की आवभगत के साथ खुद खाना बनाने का काम चलेगा। घर का काम प्रभावित न हो, इसके लिए उनकी मां बिक्रमू देवी, छोटी भाभी खेमदासी और बड़ी बहन पूर्णू ठाकुर शपथ समारोह में नहीं जाएंगी।

बिक्रमू देवी शपथ में न जाने का कारण बताती हैं कि ..बेटे मेरे ना जाउ शिमले बड़ा दूर आसा शिमला मेरा हुंदा जीउ खराब माह इछता चक्कर। (मुझे चक्कर आते हैं और मैं गाड़ी में बैठना भी पसंद नहीं करती, तबीयत खराब होती है और उलटियां आने लगती हैं)।

छह साल पहले चेकअप के लिए जयराम के साथ शिमला गई थीं, उस समय पति जेठूराम भी थे। बेटा अपनी गाड़ी में ले गया था। अगर आज उसके पिता जिंदा होते तो जरूर जाती। घर में टीवी पर शपथ समारोह देखेंगी।

उन्होंने कहा कि जब तक उनका बेटा शपथ ग्रहण नहीं कर लेता, तब तक वह खाना नहीं खाएंगी। शपथ के दिन मीठे बबरू, भात, मूंग की दाल और राजमाह की दाल और कढ़ी बनाएंगी। मूंग की दाल उनके बेटे की मनपसंद है।

खुद खाना बनाना और खिलाना पसंद है

समय करीब एक बजे। सीएम के घर के दो रास्ते हैं। आलीशान घर के साथ पुराना स्लेटनुमा रसोई घर है। बाहर हमाम (टीन का देसी पानी गर्म करने वाला यंत्र) लगा है। रसोई घर के अंदर लकड़ी से जलने वाला चूल्हा और गैस भी है। अंदर बिक्रमू देवी चूल्हे की आंच तेज कर रही हैं।

साथ ही बहू खेमदासी को खाना परोस रही हैं। खाना बनाने में हाथ बंटाने वाला चमन शिमला शपथ समारोह में गया है। उनकी मां कहती हैं कि खुद खाना बनाना और खिलाना उन्हें पसंद है।

इसके बाद बाकी परिजनों से शपथ समारोह में न जाने का कारण पूछा तो जयराम की छोटी भाभी खेम दासी का कहना है कि घर पर दो गाय पाल रखी हैं, चारा और देखभाल करने वाला कोई नहीं है।

सीएम की सबसे बड़ी बहन पूर्णू ठाकुर का कहना है कि जब से भाई जयराम का नाम मुख्यमंत्री के लिए नाम फाइनल हुआ है, तब से लेकर मैं घर नहीं जा पाईं। घर पर मेहमानों का आना-जाना लगा है, उन्हें देखने वाला कोई नहीं है। इसीलिए शिमला नहीं गईं। 
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जयराम के बड़े भाई ईष्टदेव को चढ़ाएंगे थाल

सादगी के साथ-साथ ठाकुर जयराम के परिवार में धर्म-कर्म को भी खूब तवज्जो दी जाती है। शपथ समारोह के दिन परिवार में सबसे बड़े बेटे एवं जयराम ठाकुर के बड़े भाई नंतराम ईष्ट देवता मतलोड़ा और मां बगुलामुखी के दरबार माथा टेकने पहुंचेंगे।

नंतराम ने कहा कि सुबह सात बजे उठकर नहा धोकर ग्रामीण कर्म सिंह के साथ देव मतलोड़ा के चरणों में थाल चढ़ाएंगे। जब जयराम ठाकुर का नाम सीएम रेस में आया था, तब परिवार ने ईष्ट देव से मन्नत मांगी थी।

उन्होंने कहा कि थाल में हलवा और अन्य पूजन सामग्री होगी। देव मतलोड़ा में दर्शन के बाद शिकारी जोगणी और स्थानीय बगलामुखी मंदिर जाएंगे। उन्होंने बताया कि जयराम ठाकुर के पिता स्वर्गीय जेठूराम के सात भाई-बहन थे। इनमें एक भाई जिंदा है, शेष का देहांत हो चुका है।

अनूठी बात यह थी कि इन सभी भाइओ का नाम हिंदू संक्रांति के नाम से ही था। जो जिस माह पैदा हुआ, उसी नाम से रखा गया। जयराम ठाकुर के सबसे बड़े ताया का नाम शौजू, दूसरे को पोषू, तीसरे यानी जयराम ठाकुर के पिता का नाम जेठूूराम, चौथे का नरतरू, पांचवें का नाम परमू व छठे का चैत्रू व सबसे छोटे

का नाम आलमू ठाकुर था। आज पांचवें भाई परमू ही जिंदा हैं, बाकी सबका देहांत हो चुका है। परमू ने कहा कि मेरी सेहत ठीक नहीं है, इसलिए शपथ समारोह में नहीं जाएंगे। अगर मंडी शपथ समारोह होता तो वह अवश्य जाते।
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