परमार ने कहा कि प्रदेश भारत की 70 प्रतिशत जेनेरिक दवाइयों का उत्पादन कर रहा है और बद्दी में ड्रग जांच लैब स्थापित करने के लिए 15 करोड़ रुपये की पहले से ही स्वीकृति मिल चुकी है। हालांकि, लैब स्थापित करने के लिए अतिरिक्त 15 करोड़ रुपये के बजट की जरूरत है।
उन्होंने केंद्रीय मंत्री को अवगत करवाया कि कंडाघाट की मिलावट जांच लैब को भी एफएसएसएआई के वर्तमान मानकों को पूरा करने के लिए 10 करोड़ रुपये के अनुदान की आवश्यकता है।
उन्होंने डॉ. हर्षवर्धन को अवगत करवाया कि राज्य में भारत सरकार का राष्ट्रीय एंबुलेंस सेवा (एनएएस)-108 के तहत संचालित की जा रही कुल 198 एंबुलेंस में से 143 एंबुलेंसों की परिचालन लागत वहन कर रही है।
प्रदेश की कठिन भौगोलिक परिस्थिति के कारण एंबुलेंस की तादाद कम नहीं की जा सकती अथवा उन्होंने अन्य 55 एंबुलेंसों के संचालन के लिए धनराशि प्रदान करने का भी अनुरोध किया। डॉ. हर्षवर्धन ने मांगों को ध्यानपूर्वक सुना और उन पर गौर करने का आश्वासन दिया।