सड़कों की ताजा स्थिति की जानकारी स्थानीय लोगों या प्रशासन से लेने की सलाह भी दी गई है। वाहन में प्राथमिक उपचार किट, पर्याप्त पीने का पानी और आपातकालीन वाहन किट रखने को कहा गया है। यह किसी भी आकस्मिक स्थिति का सुरक्षित तरीके से सामना करने में मदद करेगा। लोगों से अपने क्षेत्र में संभावित जोखिमों की पहले से पहचान करने का आग्रह किया गया है। अत्यधिक वर्षा, भूस्खलन, बादल फटने, भूकंप, आग और औद्योगिक दुर्घटनाओं के प्रति सतर्क रहने की सलाह है। एचपीएसडीएमए के अनुसार समय पर सतर्कता, सही सूचना और पूर्व तैयारी ही आपदाओं से बचाव का प्रभावी उपाय है। इसी उद्देश्य से सहायता सेवाओं को पूरे मानसून मौसम में चौबीसों घंटे सक्रिय रखा गया है।
दिशा-निर्देश में संवेदनशील वर्गों की सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। इनमें बच्चे, बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और दिव्यांगजन शामिल हैं। इनकी सुरक्षा के लिए पहले से निकासी और राहत की योजना तैयार रखने को कहा गया है। आपदा की स्थिति में इन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाएगा।
प्राधिकरण ने आपदा की स्थिति में घबराने के बजाय तुरंत सहायता नंबर पर संपर्क करने को कहा है। राज्य आपदा सहायता नंबर 1070 या संबंधित जिला आपदा सहायता नंबर 1077 पर कॉल करें। स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन अधिकारियों के निर्देशों का पालन करना महत्वपूर्ण है। बचाव, राहत और प्राथमिक उपचार संबंधी जानकारी समय-समय पर प्राप्त करते रहें।