एचपीयू ने जारी किया पीजी जेनेरिक इलेक्टिव परीक्षाओं का शेड्यूल
प्रदेश विश्वविद्यालय ने स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की जेनेरिक इलेक्टिव (जीई) परीक्षाओं का अलग से विस्तृत कार्यक्रम जारी किया है। विश्वविद्यालय ने कहा कि हालांकि इन परीक्षाओं का उल्लेख पहले ही संबंधित विषयों की डेटशीट में किया गया था, लेकिन विद्यार्थियों की सुविधा के लिए अलग अधिसूचना जारी की गई है। अधिसूचना के अनुसार दूसरे सेमेस्टर के विभिन्न जेनेरिक इलेक्टिव विषयों की परीक्षाएं 8 जुलाई को सुबह 9 से 12 बजे और दोपहर 2 से 5 बजे तक होंगी। इनमें मीडिया लेखन एवं हिंदी पत्रकारिता, हिमाचल का इतिहास, एडवांस्ड एकेडमिक राइटिंग, सूचना का अधिकार, प्रबंधन, कन्वर्जेंस मीडिया, योग एवं मानव मूल्य, हिमाचल का भूगोल, सामाजिक जनसांख्यिकी, अर्थशास्त्र, पर्यटन, सकारात्मक मनोविज्ञान और अन्य विषय शामिल हैं। इसी तरह चौथे सेमेस्टर के जेनेरिक इलेक्टिव विषयों की परीक्षाएं 9 जुलाई को होंगी। कुछ विषयों की परीक्षा का समय पहले जारी डेटशीट की तुलना में सुबह से दोपहर अथवा दोपहर से सुबह किया गया है।
एचपीयू में छात्रवृत्ति प्रक्रिया शुरू, विभागों से मांगा पाठ्यक्रमों की फीस का ब्योरा
प्रदेश विश्वविद्यालय (एचपीयू) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए राज्य और केंद्र प्रायोजित छात्रवृत्ति योजनाओं की प्रक्रिया शुरू कर दी है। डीन छात्र कल्याण कार्यालय ने विवि के सभी शिक्षण विभागों के अध्यक्षों और निदेशकों को निर्देश जारी अपने-अपने विभागों में संचालित सभी पाठ्यक्रमों का नवीनतम शुल्क विवरण उपलब्ध करवाने के लिए कहा है। यह जानकारी राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) पर अपलोड की जाएगी। डीन छात्र कल्याण आरएल जिंटा की ओर से जारी परिपत्र के अनुसार राज्य और केंद्र प्रायोजित छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए ऑनलाइन आवेदन सितंबर तक राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर स्वीकार किए जाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि के बाद संस्थान स्तर पर ऑनलाइन सत्यापन के लिए लगभग 10 से 15 दिन का समय मिलेगा।
विवि ने सभी विभागों से प्रत्येक पाठ्यक्रम की अद्यतन समेकित शुल्क संरचना मांगी है। इसमें प्रवेश शुल्क, कंटीन्यूएशन फीस, ट्यूशन फीस, परीक्षा शुल्क, खेल शुल्क, युवा कल्याण निधि, हॉलिडे होम शुल्क, चिकित्सा निधि, सांस्कृतिक गतिविधि शुल्क, पत्रिका शुल्क समेत अन्य मदों का अलग-अलग विवरण देना होगा, साथ ही यह भी स्पष्ट करना होगा कि कौन-सी फीस वापसी योग्य है और कौन-सी नहीं। छात्र और छात्राओं के लिए लागू शुल्क का अलग-अलग विवरण भी उपलब्ध कराना होगा। यदि समय पर यह जानकारी पोर्टल पर अपलोड नहीं हुई तो छात्रवृत्ति प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है और पात्र विद्यार्थी सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित रह सकते हैं। इसके अलावा सभी विभागाध्यक्षों और निदेशकों को अपने विभागों के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और आईआरडीपी श्रेणी के पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित अवधि के भीतर राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करने के लिए जागरूक करने के निर्देश भी दिए गए हैं।