टीम एक अक्तूबर तक प्रदेश के सबसे अधिक आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करेगी और राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर नुकसान की स्थिति समझेगी। प्रदेश सरकार ने केंद्र से राहत के लिए मुआवजा मांगा है। केंद्रीय टीम में जल शक्ति मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा इसरो के नेशनल रिमोट सेंसिंग
सेंटर हैदराबाद के अधिकारी भी शामिल होंगे।
टीम चंबा के भटियात व चुवाड़ी, कांगड़ा के बोह, कुल्लू-मंडी के सैंज और बंजार समेत सबसे प्रभावित इलाकों का निरीक्षण करेगी। इसके अलावा शिमला, कसौली और परवाणू में भी नुकसान का जमीनी जायजा लिया जाएगा। इस निरीक्षण के आधार पर राज्य में हुए नुकसान और राहत की जरूरत की स्थिति स्पष्ट होगी।