हिमाचल में खनन माफिया हावी है और खनन विभाग के गार्ड बिना हथियारों हैं। पांवटा में खनन विभाग के गार्ड को कुचल कर मारने की घटना ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। माफिया के आगे खनन विभाग की फौज बौनी साबित हो रही है और माफिया के हौसले बुलंद हैं। सरकार और प्रशासन माफिया पर शिकंजा कसने में नाकाम है। खनन माफिया ने पांवटा साहिब में खनन विभाग के गार्ड को कुचल कर मौत के घाट उतार दिया है। इससे पहले ऊना में खनन माफिया के टिप्पर से दो प्रवासी मजदूरों को रौंद दिया था। अवैध रूप से खनिज ले जाने वाली गाड़ियों पर कोई नकेल नहीं है।
माफिया प्रदेश के खनिज को बाहरी राज्यों में ले जाकर करोड़ों रुपये कमा रहे हैं और सरकार को हर साल करोड़ों की चपत लग रही है।
नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री ने कहा कि खनिज माफिया पर नकेल कसना जरूरी है। खनिज की चोरी हो रही है। माफिया पहले सौ गाड़ियां ले जाता था तो आज हर रोज पांच हजार गाड़ियां खनिज भरकर बाहर भेजी जा रही हैं। जेसीबी और पाकलेन की मदद से गाड़ियां भरी जा रही हैं और सरकार चुप्पी साधे है।
राज्य के जियोलॉजिस्ट पुनीत गुलेरिया ने कहा कि अब चेकिंग के समय दो कर्मचारी तैनात रहेंगे ताकि पांवटा की घटना न घटे। ऊना में पांच और बद्दी में एक चैक पोस्ट तैयार हैं। यहां पर खनन कर्मचारी और होमगार्ड तैनात रहेंगे। सीसीटीवी कैमरे भी लगेंगे और वेइंग बृज भी लगाया है ताकि खनन माफिया पर लगाम कसी जा सके।